अनिल यादव के खिलाफ CBI जांच के लिए खड़ा हुआ आईएएस खेमा

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इलाहाबाद। यूपी लोक सेवा आयोग (UPPCS) के पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार यादव के खिलाफ आईएएस-अाईपीएस खेमे के अफसरों ने माेर्चा खोल दिया है। यादव के कार्यकाल में हुई भर्तियों की सीबीआई से जांच कराने के लिए एक जनहित याचिका पूर्व डीजीपी पंजाब जुलियो एफ रिबेरो, पूर्व आईएएस एसएटी रिजवी, पूर्व डीजीपी आरसी द्विवेदी, पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, पूर्व आईएएस एसएनशुक्ला, कुलपति बीआईटी रांची एचसी पाण्डेय व समाजसेवक अरूणेश शुक्ला की तरफ से दायर की गयी है।

सभी आठों व्यक्ति भारत पुनर्रुत्‍थान अभियान के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। इन सभी अधिकारी याचिकाकर्ताओं ने पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव को पद से हटाने के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। इन अधिकारियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा था कि लोक सेवा आयोग में की गयी भर्तियों की सीबीआई से जांच कराने को लेकर अलग से याचिका दाखिल की जा सकती है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डा. डीवाई चन्द्रचूड़ व जस्टिस यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया था तथा उनके कार्यकाल के दौरान आयोग द्वारा की गयी भर्तियों की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग पर कहा था कि इसके लिए याचिकाकर्ताओं को अलग से याचिका दायर करने की छूट दी जाती है। याचिका दायर कर कहा गया है कि यादव के कार्यकाल में आयोग में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और हर भर्तियों में व्यापक स्तर पर घपला हुआ है। याचिका पर कोर्ट द्वारा बुधवार को सुनवाई होगी।

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