पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान, कहा- शिक्षा प्रणाली सुधारने के लिए 4 साल में खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपए

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के साथ एक ही मंच पर नजर आए। मौका था पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय के 49वें कन्वोकेशन की, जिसमें पीएम मोदी ने देश के छात्र-छात्राओं और शिक्षा को लेकर कई बड़े ऐलान किये हैं।

कन्वोकेशन समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि विश्व भारती विश्वविद्यालय के संस्थापक रवींद्रनाथ टैगोर छात्रों से क्या उम्मीद रखते थे। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह मोदी का किसी विश्वविद्यालय का पहला दौरा है।

पीएम द्वारा कही गई कुछ अहम बातें:

पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कम उम्र में ही इनोवेशन का माइंड सेट तैयार करने की दिशा में हमने देशभर के 2400 स्कूलों को चुना है। इन स्कूलों में ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ के माध्यम से 6ठी से 12वीं कक्षा के छात्रों पर फोकस किया जा रहा है। इन लैब्स में बच्चों को आधुनिक तकनीक से परिचित करवाया जा रहा है।

उन्होंने ने कहा कि शैक्षिक संस्थाओं को पर्याप्त सुविधाएं मिले, इसके लिए 1000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ‘हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी’ शुरू की गई है। इससे प्रमुख शैक्षिक संस्थाओं में उच्च क्वालिटी कें इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए निवेश में मदद मिली है।

आज के दौर में बिगड़ता शिक्षा प्रणाली सबसे बड़ी चिंता का विषय है। क्योंकिे बेहतर शिक्षा का न मिल पाना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पीएम मोदी का कहना है कि देश के युवाओं को अगर बेहतर शिक्षा और सुविधा मिलेगी, तभी देश प्रगति की ओर आगे बढ़ सकेगा।

वहीं मोदी ने छात्रों से कहा कि अगले चार साल में देश के शिक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे ताकि भारत में हर छात्र को एक बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल सके।

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