‘फेक न्यूज़’ का फैसला पीएम मोदी ने लिया वापस, नहीं रद्द होगी पत्रकारों की मान्यता

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई फेक न्यूज चलती दिखाई देती है। लोग उसे सही समझकर शेयर करने लगते हैं। इससे कई लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। खबर आ रही थी कि मोदी सरकार इसे लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है। लेकिन पीएम मोदी ने ये फैसला पलट दिया है।

 

फेक न्यूज़

फैसले को पीएम मोदी ने वापस लेने का आदेश दिया है

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को पत्रकारों की मान्यता का संशोधित गाइडलाइन जारी किया था। इसमें ‘फेक न्यूज’ से निपटने के लिए कई नए प्रावधानों को शामिल किया गया था। इसमें पत्रकारों की मान्यता खत्म करने जैसे कड़े प्रावधान भी शामिल था। लेकिन अब फर्जी खबर चलाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने के फैसले को पीएम मोदी ने वापस लेने का आदेश दिया है। पीएम ने साफ किया है कि ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा।

कांग्रेस ने भी किया था विरोध

बता दें इससे पहले इस फैसले पर कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल ने सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि यह कैसे पता चलेगा कि खबर फेक है या सही? पटेल ने कहा था कि पत्रकारों को खुलकर न्यूज रिपोर्टिंग करने से रोकने की मंशा से ये कदम उठाया गया है। जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पटेल के सवालों का ट्वीट के जरिए ही जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था, आपको जागा हुआ देखकर खुशी हुई अहमद पटेल जी। न्यूज आर्टिकल या ब्रॉडकास्ट की गई न्यूज फेक है या नही इसका फैसला पीसीआई और एनबीए करेंगे और आपको पता होगा कि दोनों ही गैर-सरकारी संस्थाएं है।

इससे पहले केंद्रीय मंत्रालय ने जारी की थी गाइडलाइन

बता दें इससे पहले, मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा था कि पत्रकारों की मान्यता के लिये संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक अगर फर्जी खबर के प्रकाशन या प्रसारण की पुष्टि होती है तो पहली बार ऐसा करते पाये जाने पर पत्रकार की मान्यता छह महीने के लिये निलंबित की जायेगी और दूसरी बार ऐसा करते पाये जाने पर उसकी मान्यता एक साल के लिये निलंबित की जायेगी। इसके अनुसार, तीसरी बार उल्लंघन करते पाये जाने पर पत्रकार( महिला/ पुरूष) की मान्यता स्थायी रूप से रद्द कर दी जायेगी। लेकिन अब पीएम मोदी ने इस फैसले को पलट दिया है।

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