काशी की तस्वीरों में ‘काला झूठ’, PM मोदी को नहीं दिखाई ये सच्चाई

काश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देख लेते ये तस्वीरें

आज पूरा काशी में शिवोत्सव चल रहा है. वहीं एक ऐसी सच्चाई PM मोदी से छिपाई गई जो आपको हम दिखा रहे हैं. PM मोदी सोमवार को वाराणसी पहुंचे. वे यहां से कालभैरव के दर्शन कर सड़क के रास्ते खिड़किया घाट गए. इसी घाट से क्रूज में सवार होकर गंगा में प्रवेश किया और रविदास घाट पर उतरे, लेकिन मोदी से इन दोनों घाटों की सच्चाई फूलों की सुगंध और सजावट से छिपा ली गई. इन दोनों ही घाटों के किनारे सालों से शहर की गंदगी गंगा में गिराई जा रही है. खिड़किया घाट पर बड़ा नाला गंगा में मिलता है. वहीं, रविदास घाट पर नदी में पूरे शहर की गंदगी लाकर गंगा में गिराया जा रहा है. दोनों ही घाटों के आसपास का पानी काला हो चुका है. लोग बदबू से परेशान रहते हैं. लोग बताते है कि इन दोनों घाटों पर कोई जाना तक पसंद नहीं करता.

12 महीने काला रहता है नाले का पानी

PM मोदी जिस खिड़किया घाट से क्रूज में सवार हुए, वहीं पास में शाही नाला पूरे वाराणसी का सीवरेज समेटते हुए गंगा में मिल रहा है. यहां का पानी 24 घंटे और 12 महीने काला ही रहता है. लोग इसके आसपास भी गंगा स्नान करने से बचते हैं. यहां सीवरेज की बदबू इतनी तेज होती है कि यहां से गुजरने वाले अपनी नाक बंद कर लेते हैं

गंगा में गिर रहा है काला पानी

मंदिर का लोकार्पण करने मोदी गंगा के रास्ते जिस रविदास घाट तक पहुंचे, वहां असि नदी शहर की गंदगी ढोकर गंगा में मिल रही है. असि कहने को नदी है लेकिन यह बड़े नाले में तब्दील हो चुकी है. यहां 200 क्यूबिक मीटर से ज्यादा सिल्ट जमा है. पानी काला हो चुका है. पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है.

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