अटल के साथ देखे अफगानिस्तान के सपने को पीएम मोदी ने किया पूरा

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pm_modi_afghan_parliament_address_650_635866433604335072नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अफगानिस्‍तान के संसद भवन का उद्घाटन किया। इस संसद भवन के मुख्‍य हॉल को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल ब्‍लॉक नाम दिया गया है। इस मौके पर उनके साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी मौजूद थे।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने नए संसद भवन को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस इमारत को दोनों देशों के बीच दोस्ती का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान में लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। बुलेट को बैलेट से हराना होगा। पीएम ने यहां कहा, शब्दों को ऊंचाई दें, आवाज को नहीं, क्योंकि फूल बारिश में पैदा होते हैं, तूफान में नहीं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज से अच्छा दिन इस संसद के उद्घाटन के लिए हो नहीं सकता था, क्योंकि आज उन अटल जी का जन्मदिन है, जिन्होंने आपके पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ मिलकर इस संसद का सपना देखने की शुरुआत की थी।

आखिर क्यों इतना खास है भारत का बनाया संसद भवन?

अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में मदद के लिए दोस्ती और सहयोग की निशानी के तौर पर भारत सरकार ने 2007 में संसद भवन परियोजना की शुरूआत की थी। इस भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 50 लाख डॉलर का खर्च आना था। लेकिन, बाद में यह बढ़कर 9 करोड़ डॉलर हो गया। इस भवन का डिजाइन मुगल और आधुनिक स्थापत्य कला पर आधारित है। इस भवन में वोलेसी जिरगा (निचला सदन) है जिसमें 294 लोग बैठ सकते हैं और मेशरानो जिरगा (उपरी सदन) में 190 लोग बैठ सकते है। इसके अलावा इसमें सम्मेलन हॉल और प्रेस कक्ष जैसी सुविधाएं भी हैं।

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