क्रांतिवीरों को पीएम मोदी ने किया याद, जालियांवाला बाग के पुननिर्मित परिसर का हुआ उद्घाटन

अमृतसर: अमृतसर (Amritsar) में जालियांवाला बाग (jallianwala bagh) स्मारक के पुननिर्मित परिसर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 28 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने इस उद्धाटन में समारोह में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा, पंजाब की वीर भूमि और जलियांवाला बाग की पवित्र मिट्टी को मेरा अनेक अनेक नमन व प्रणाम। आज मैं यहां मां भारती की उन संतानों को भी नमन, जिनके भीतर जलती आजादी की लौ को बुझाने के लिए अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गई।

पीएम मोदी ने कहा, जलियांवाला बाग यह वो स्थान है, जहां पर सरदार उधम सिंह, सरदार भगत सिंह जैसे अनगिनत क्रांतिवीरों, बलिदानियों और सेनानियों को हिंदुस्तान की आजादी के लिए मर मिटने का हौंसला दिया। उन्होंने कहा किसी भी देश के लिए बलिदान देने वाले उन लोगो के अतीत को भुलाना सही नहीं है। इसलिए, भारत ने 14 अगस्त को हर वर्ष ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है।

उन्होंने आदिवासी समाज का भी जिक्र करते हुए कहा कि आज़ादी के इस महायज्ञ में हमारे आदिवासी समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है। हमारे देश की इतिहास के पन्नो में इसको उतना ही स्थान मिला है जितना मिलना चाहिए। था। देश के 9 राज्यों में इस समय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों और उनके संघर्ष को दिखाने वाले म्यूज़ियम्स पर काम चल रहा है।

इमारतों का भी दोबारा अनुकूल इस्‍तेमाल

यहां पर लंबे समय से बेकार पड़ी और कम उपयोग वाली इमारतों का भी दोबारा अनुकूल इस्‍तेमाल सुनिश्चित करते हुए चार संग्रहालय दीर्घाएं निर्मित की गई हैं। ‘‘ये दीर्घाएं उस अवधि के दौरान पंजाब में घटित विभिन्‍न घटनाओं के विशेष ऐतिहासिक महत्‍व को दर्शाती हैं। इन घटनाओं को दिखाने के लिए श्रव्य-दृश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रस्तुति दी जाएगी जिसमें मैपिंग और थ्री डी चित्रण के साथ-साथ कला एवं मूर्तिकला अधिष्ठापन भी शामिल हैं।

परिसर में विकास से जुड़ी कई पहल

’जालियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को जो घटना हुई उसको दर्शाने के लिए एक साउंड एंड लाइट शो की व्‍यवस्‍था की गई है। इस परिसर में विकास से जुड़ी कई पहल की गई हैं। पंजाब की स्थानीय स्थापत्य शैली के अनुरूप धरोहर संबंधी विस्तृत पुनर्निर्माण कार्य किए गए हैं। शहीदी कुएं की मरम्मत की गई है और नवविकसित उत्तम संरचना के साथ इसका पुनर्निर्माण किया गया है।

Related Articles