PM मोदी बोले- ‘दिल्ली दूर नहीं है’, Assam के विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल और असम के दौरे पर, धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज का किया उद्घाटन और सुआलकुची इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास किया

असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) बंगाल और असम के दौरे पर हैं। सबसे पहले PM मोदी असम (Assam) पहुंचे वहां पर उन्होंने धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन किया और सुआलकुची इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास किया किया।

जिसके बाद उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नॉर्थ बैंक में भरपूर सामर्थ्य होने के बावजूद पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया। यहां कनेक्टिविटी, अस्पताल, शिक्षा के संस्थान, उद्योग पहले की सरकारों की प्राथमिकता में नज़र ही नहीं आ रहे थे।

असम के तेल और गैस की चिंता

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने धेमाजी के सिलापाथर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोला कि दिल्ली में अनेक प्रधानमंत्री हुए, आपके राज्य के प्रतिनिधि ने तो देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। लेकिन किसी ने असम के तेल और गैस की इतनी चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री के आदेश पर आज असम में  95,000 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है।

पीएम मोदी ने असम में इंडियन ऑयल की बोंगाईगांव रिफाइनरी में इंडमैक्स इकाई, डिब्रूगढ़ के मधुबन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सेकेंडरी टैंक फार्म औरतिनसुकिया के मकुम के हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया।

नॉर्थ बैंक में भरपूर सामर्थ्य

पीएम ने कहा कि नॉर्थ बैंक (North Bank) में भरपूर सामर्थ्य होने के बावजूद पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया। यहां कनेक्टिविटी, अस्पताल, शिक्षा के संस्थान, उद्योग पहले की सरकारों की प्राथमिकता में नजर ही नहीं आ रहे थे।

आज असम को 3,000 करोड़ से ज्यादा के ऊर्जा और शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का एक नया उपहार मिल रहा है।

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असम में मछली पालन

PM मोदी ने कहा कि मछली पालन पर विशेष जोर देते हुए हमारी सरकार मछली पालन से जुड़ा एक अलग मंत्रालय काफी पहले बना चुकी है। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए जितना आज़ादी के बाद से खर्च नहीं हुआ, उससे ज्यादा अब हमारी सरकार खर्च कर रही है।

जिन लोगों ने दशकों तक देश में राज किया उन्होंने दिसपुर को दिल्ली से बहुत दूर मान लिया। इस सोच की वजह से असम का बहुत नुकसान हुआ। लेकिन अब दिल्ली दूर नहीं है, दिल्ली आपके दरवाजे पर खड़ी है।

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