पीएम मोदी आज करेंगे मन की बात, किसान थाली बजाकर करेंगे विरोध

समिति ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ का भी विरोध करने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री के मन की बात प्रसार के समय देश भर में थाली पीटकर विरोध किया जाएगा

नई दिल्ली: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार ने किसानों की तीन कृषि कानून वापसी की मांग पर मुंह मोड़ने के साथ निजी निवेशकों के कृषि में पैसा लगाने में सहयोग करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। समिति ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ का भी विरोध करने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री के मन की बात प्रसार के समय देश भर में थाली पीटकर विरोध किया जाएगा

समिति ने शनिवार को कहा कि किसानों की मांग थी कि सरकार खुद सिंचाई, मशीनों की आपूर्ति, मंडियों में सुधार, लागत की सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और खरीद आदि में निवेश करे। समिति ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ का भी विरोध करने का आह्वान किया है।

एआईकेएससीसी ने दोहराया है कि उसकी सबसे पहली मांग तीन कृषि कानून और बिजली बिल 2020 की वापसी है, हर अन्य मांग इसके बाद होंगी। मोदी सरकार तीन अध्यादेश और बिजली बिल 2020 लेकर आई जिससे सभी वर्तमान सुविधाएं तथा कानूनी ढांचा काॅरपोरेट व विदेशी कम्पनियों के मुनाफे का बनेगा। इससे खेती की प्रक्रिया, लागत की बिक्री, मशीनरी, फसल की खरीद, भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण पर उनका कब्जा हो जाएगा। इससे किसानों पर कर्ज बढ़ेगा, आत्महत्याएं बढ़ेंगी, फसलें सस्ती होंगी, खाना मंहगा होगा और जमाखोरी एवं कालाबाजारी बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें : रायबरेली में डिप्टी सीएम ने एक अरब से अधिक की परियोजनाओं का किया शिलान्यास

जमीन वाले किसान गायब

एआईकेएससीसी ने कहा कि तथ्य दिखाते हैं कि पीएम मोदी का गुजरात का किसानों के लिए विकास माॅडल पूरी तरह विफल रहा है। वर्ष 2001 से 2011 के बीच एनएसएस रिपोर्ट के अनुसार 3.55 लाख जमीन वाले किसान गायब हो गये और 17 लाख कृषि मजदूर बढ़ गये। अध्ययन बताते हैं कि ये काॅरपोरेट खेती जो निर्यात के लिए कराई गयी, उसके कारण हुआ। गुजरात आज भी सिंचाई के अभाव से त्रस्त है जबकि नर्मदा बांध का पानी उद्योगों एवं साबरमती रिवर वाटर फ्रंट के लिए भेजा जा रहा है।

ये भी पढ़ें : किसान संगठन 29 दिसंबर को कर सकते है सरकार से वार्ता-रामपाल जाट

अम्बानी एवं अडानी की उत्पादों के खिलाफ भी अभियान

आज दिल्ली के धरने का एक माह पूरा होने पर सरकार के अड़ियल रवैये और किसानों की हालत के प्रति निर्दयी एवं संवेदनहीन रुख और अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने के खिलाफ देश भर के 7000 से ज्यादा स्थानों पर ‘धिक्कार दिवस’ मनाया गया। अम्बानी एवं अडानी की उत्पादों और सेवाओं के खिलाफ भी अभियान शुरू किया गया। आज रविवार को प्रधानमंत्री के मन की बात प्रसार के समय देश भर में थाली पीटकर विरोध किया जाएगा

Related Articles