पीएम मोदी के “ब्रेन ड्रेन, ब्रेन गेन” स्पीच से ली प्रेरणा, बना ड़ाला देश का पहला स्मार्ट गांव

रायबरेली। 8 से 20 घंटे बिजली, वाई-फाई जोन, सीसीटीवी कैमरा और स्ट्रीट लाइटें, ये सब उस गांव की खासियत है जिसे भारत का पहला स्मार्ट गांव कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली के तौधकपुर में दो आईटी प्रोफेशनल की कोशिश नें इस गांव को स्मार्ट गांव बना दिया।

साल 2015 में प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी नें अमेरिका दौरे पर कहा था कि “कभी मेरे देश में हमलोग सुना करते थे कि भारत से ब्रेन ड्रेन को रोकने के लिए कुछ करना पड़ेगा, भारत की धरती कई ‘मोती’ पैदा करती है, ये ब्रेन ड्रेन ब्रेन गेन भी बन सकता है।”

इसी से प्रेरणा लेते हुए आईटी प्रोफेशनल, योगेश साहू और रजनीश वाजपेयी नें एक स्मार्ट गांव नाम का एक एप बनाया जिसने उत्तर प्रदेश के रायबरेली के तौधकपुर गांव की तस्वीर बदल दी। इस एप के जरिए गांव का संपर्क पूरी दुनिया से हो गया।

इसी एप से किसानों को अपने उपज के लिए बाजार की जानकारी मिलती है। गांव में हो रहे विकास कर्य को इस एप के जरिये रिकॉर्ड, ट्रैक और मॉनिटर किया जा सकता है। इस एप में गांव की फोन डायरेक्टरी, खबरों के लिए सेक्शन, इवेंट्स की सूची, हेल्थ सेंटर और इनफॉर्मेशन सेंटर मौजूद है।

इस गांव को हाईटेक बनाने का ख्याल रजनीश और योगेश के दिमाग में पीएम मोदी के भाषण को सुनने के बाद आया। इस एप को इसलिए बनाया गया है जिससे कि गां के लोग भी शहरी जिंदगी जी सकें। यही नही भारत के गांवों में इंटरनेट का इस्तेमाल हर साल 26 फीसदी बढ़ रहा है। इन दोनों ने इसी को आधार बनाकर एक एप विकसित किया। जिसने इस गांव की तस्वीर बदल दी।

गांव को स्मार्ट गांव बनाने मे 3 साल का लम्बा वक्त लगा। इस दौरान इस गांव के निवासियों, ग्राम प्रधान, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और रायबरेली के सीडीओ ने काफी मेहनत की। इस गांव की तस्वीर बदलने के बाद अब योगेश और रजनीश नें ठाना है कि छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के 6 गांवों की तकदीर भी बदलेंगे।

 

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