पीएम मोदी के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट की निकली हवा,बुलेट ट्रेन का ठेका जापानी कंपनियों के पास

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नई दिल्ली। जब से बीजेपी सत्ता में आई है। पीएम मोदी मेक इन इंडिया का नारा बुलंद करते आए हैं। ऐसे में उनके महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना में करीब 70 प्रतिशत ठेका जापानी कंपनियों को मिलने की संभावना के चलते मेक इन इंडिया दावे की हवा निकल गई है। देश में बढ़ती हुई बेरोजगारी को देखते हुए भारतीय युवाओं के लिए ये एक बहुत बड़ा झटका है। साथ ही इससे भारतीय कंपनियों की योग्यता पर भी प्रश्न चिन्ह लगता है।

ये है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक करीब 17 अरब डॉलर की इस परियोजना के लिए जापानी स्टील और इंजीनियरिंग कंपनियों को ठेका मिलने की प्रबल संभावना है। दोनों देश अभी भी महत्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। जुलाई में खरीद के लिए योजना के बारे में बताया जा सकता है।

पिछले साल सितंबर में हुए इस समझौते में दो भाग शामिल हैं। पहला मेक इन इंडिया औऱ दूसरा ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी है। भारत को इससे देश में विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने की संभावना थी और टेक्नोलॉजी के माध्यम से नौकरियों के सृजन होने की उम्मीद भी थी।

एनएचएसआरसीएल के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने दिया बयान

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने कहा कि जापान को इस बात को लेकर चिंता है कि दोनों देशों के कल्चर और सिस्टम में अंतर है। यहां का वर्क कल्चर भी जापान से काफी अलग है। एनएचएसआरसीएल वहीं कंपनी है, जिसको भारत में इस बुलेट ट्रेन परियोजना के कार्यों को अंजाम देने का काम सौंपा गया है।

भारतीय कंपनियों की योग्यता पर उठे सवाल

इस मामले से जुड़े दो अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जापानी कंपनियों के मुकाबले भारतीय कंपनियां न तो सक्षम हैं और न ही तय समयसीमा में काम करने की क्षमता रखती हैं। इस परियोजना से सीधे तौर पर जुड़े नीति आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इसमें भारतीय कंपनियों को शेयर मिलने की बहुत ही कम चांस है।

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