PMC संकट: बैंक ने खोले थे 21,000 फर्जी खाते! पुलिस में दर्ज शिकायत से खुलासा

पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC) ने अपने लोन एकाउंट को छिपाने के लिए 21,000 से ज्यादा फर्जी खातों का इस्तेमाल किया. सरकारी एजेंसियों ने पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई है उससे यह खुलासा हुआ है. पीएमसी के नवीनतम बैंक घोटाले ने लाखों लोगों पर असर डाला है.

मुंबई पुलिस की आर्थ‍िक अपराध शाखा (EOW) में सोमवार को शिकायत दर्ज की गई. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इसमें आरोप लगाया गया है कि बैंक प्रबंधन ने अपने नॉन परफॉर्मिंग एसेट और लोन वितरण को छुपाया जिससे बैंक का कम से कम 4355 करोड़ रुपये लोन एनपीए हो गया है. बैंक के 44 लोन का फायदा तो सिर्फ एक रियल एस्टेट कंपनी और उसकी समूह की कंपनियों को हुआ है.

गौरतलब है कि कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल अब इनसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्शी कोड (IBC) के तहत इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग का सामना कर रही है. कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के विफल हो जाने के बाद कंपनी गंभीर रूप से नकदी संकट का सामना कर रही है. पीएमसी के अलावा कंपनी को बैंक ऑफ इंडिया, कॉरपोरेशन बैंक, सिंडिकेट बैंक, इंडियन बैंक और देना बैंक ने कर्ज दे रखा था.

बहीखाते में किया हेरफेर

शिकायत में कहा गया है, ‘बैंक की वास्तविक वित्तीय हालत को छिपाया गया है और बैंक ने जानबूझ कर अपने वित्तीय आंकड़ों की गुलाबी तस्वीर पेश की है.’ असल में फर्जी बैंक खातों के बारे में जानकारी बैंक के कोर बैकिंग सिस्टम में नहीं डाली गई. कुछ साल पहले हुए पंजाब नेशनल बैंक के करीब 14000 करोड़ रुपये के घोटाले में भी कुछ ऐसी ही तरकीब अपनाई गई थी.

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