पीएमओ ने जम्मू-कश्मीर में की पीएमडीपी परियोजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत परियोजनाओं की क्षेत्रवार कार्यान्वयन के आधार पर समीक्षा की।

जम्मू-कश्मीर: प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत परियोजनाओं की क्षेत्रवार कार्यान्वयन के आधार पर समीक्षा की। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी के मिश्रा ने यहां एक बैठक के दौरान इन परियोजनाओं की समीक्षा की। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम सहित विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित रहे।

यह बैठक प्रदेश में सड़क, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, बागवानी, खेल, जल शक्ति, सिंचाई और बाढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय मंत्रालयों और केन्द्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 54 प्रमुख विकासात्मक परियोजनाओं और नियंत्रण, आवास और शहरी विकास, और आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्यों की प्रगति को लेकर आयोजित की गई थी जिसमें व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अधिकांश परियोजनाएं अब तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं और पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पिछड़ी हुई परियोजनाओं को भी अपनाया जा रहा है।

इसके अलावा बैठक में रामबन-बनिहाल सड़क की प्रगति की समीक्षा करने के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया तथा जम्मू-कश्मीर की राजधानी शहरों में दो एम्स की स्थापना, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की स्थायी रूप से ठीक करने, सुरक्षा बुनियादी ढांचे की स्थापना, जिला/उप जिलों में अस्पतालों और और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, झेलम नदी के बाढ़ प्रबंधन के दूसरे चरण, डल-नगीन झील का पुनर्वास और पर्यटन के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

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एक-एक एम्स के निर्माण की स्थिति की समीक्षा की

बैठक में तय किया गया इन परियोजनाओं के महत्व के कारण इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में बाधाओं को हल करने के लिए उनकी विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी। सांबा और अवंतीपुरा में एक-एक एम्स के निर्माण की स्थिति की समीक्षा करते हुए एचपीएम के प्रधान सचिव ने कार्यान्वयन एजेंसियों को इन संस्थानों के निर्माण में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इनका निर्माण कार्य 30 महीने की अवधि से अधिक आगे न जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एम्स अवंतीपुरा को एम्स सांबा की तर्ज पर प्रस्तावित स्थल के आसपास के क्षेत्र में किराए पर रहने के लिए एक अस्थायी आवास स्थापित किया ताकि दोनों संस्थानों में अगले शैक्षणिक सत्र से मेडिकल पाठ्यक्रमों का पहला बैच शुरू किया जा सके।

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सुब्रह्मण्यम ने पीएमओ को कराया अवगत

मुख्य सचिव सुब्रह्मण्यम ने पीएमओ को अवगत कराया कि पिछले दो वर्षों में भूमि अधिग्रहण और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में अच्छी प्रगति हुई है जोकि विभिन्न परियोजनाओं के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों को समय पर सौंपने को सुनिश्चित करने के लिए है। इन प्रक्रियाओं में शापुर कांडी, सांबा / अवंतीपोरा एम्स जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाएं शामिल हैं। गौरतलब है कि विभिन्न सड़क परियोजनाएं पहले भूमि की अनुपलब्धता के कारण वर्षों से अपने कार्य में पीछे चल रही थीं।

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