गीता का उर्दू में अनुवाद करने वाले शायर अनवर जलालपुरी का निधन

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लखनऊ। भगवद गीता का उर्दू से हिंदी में अनुवाद करने वाले मशहूर उर्दू शायर अनवर जलालपुरी का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। यश भारती से सम्मानित विख्यात शायर अनवर जलालपुरी को बीते गुरुवार को ब्रेन स्ट्रोक के बाद लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया था।

वह बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे

वह बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे और उनके सिर पर चोट आई थी। तब से वह वेंटिलेटर पर थे। अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा, सोमवार को उनकी स्थिति खराब हो गई और मंगलवार सुबह 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अनवर जलालपुरी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती से सम्मानित किया गया था।

जलालपुरी ने गीता का उर्दू शायरी में अनुवाद किया है

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के ऑफिस से गुरूवार से ही फोन पर अनवर जलालपुरी के तबियत की पल पल की अपडेट ली जा रही थी। लखनऊ के हुसैनगंज निवासी मशहूर उर्दू शायर अनवर जलालपुरी ने गीता का उर्दू शायरी में अनुवाद किया है। उन्हें प्रदेश सरकार यश भारती सम्मान से भी सम्मानित कर चुकी है। कई राजनीतिक हस्तियों से उनके काफी नजदीकी रही हैं।

जलालपुर कस्बे के दलाल टोला मोहल्ले के रहने वाले थे जलालपुरी

अवनर जलालपुरी मूलत अंबेडकरनगर के जलालपुर कस्बे के दलाल टोला मोहल्ले के रहने वाले थे। उनका जन्म 6 जुलाई 1947 को एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से उन्होंने पोस्ट ग्रैजुएट की डिग्री ली। पीएचडी की डिग्री भी लेने वाले अनवर 19 जुलाई 1973 को नरेंद्र देव इंटर कॉलेज में ही अंग्रेजी प्रवक्ता के रूप नियुक्त हुए थे। पढ़ाने के साथ-साथ लेखन, शेरो-शायरी और मंच संचालन में अधिक रुचि होने के कारण देश ही नहीं विदेशों में भी उन्होंने खूब नाम कमाया।

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