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UP में जहरीली शराब का कहर: मौत के बाद ही क्यों अलर्ट हो रहा प्रशासन?

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश में शराब माफियाओं के हौंसले लगातार बुलंद हैं। शराब माफिया प्रशासन के साथ मिलकर धड़ल्ले से अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। जहरीली शराब पीने से जब लोगों की मौत हो जाती है तब प्रशासन अलर्ट हो जाता है और एक दो लोगों की गिरफ्तारी कर मामले को रफा दफा कर देता है।

एक ऐसा ही मामला मिर्जापुर से सामने आया है, जहां जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई है। इन दोनों की मौत के बाद प्रशासन हर बार की तरह अलर्ट हो गया है और मामले की जांच शुरु कर दी है। लेकिन सवाल है कि प्रशासन लोगों की मौत के बाद ही क्यों जागता है। घटना से पहले ही अगर प्रशासन अलर्ट रहे तो शायद लोगों की मौत ना हो।

जहरीली शराब से चार की मौत

मिर्जापुर जिले के नेवढिया गांव में अवैध शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक ये लोग पास के ठेके से शराब लाए थे जिसका सेवन करने के बाद इनकी हालत बिगड़ने लगी। तभी इनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई।

DM ने दिए जांच के आदेश

अवैध शराब से चार लोगों की मौत का मामला जब जिले के आकाओं के पास पहुंचा तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। मामला ज्यादा तूल ना पकड़ पाए इसको लेकर जिलाधिकारी ने खुद संज्ञान लेकर आनन फानन में जांच के आदेश दे दिए। लेकिन मेरा डीएम साहब से कहना है कि अगर यही काम पहले कर लिए होते तो शायद ये दोनों आज जिंदा होते और अपराधी सलाखों के पीछे होते।

आखिर कौन है जिम्मेदार?

जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। लेकिन सवाल है कि क्या प्रशासन के अलर्ट होने के बाद दोबारा ये घटना नहीं होगी। सवाल ये भी है कि आखिर शराब माफिया किसकी सह पर अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि अभी पूरी तरह से इसकी पुष्टी नहीं हो पाई है कि इन लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से ही हुई है। ये तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।

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