दादरी केस: पुलिस की चार्जशीट में बीफ का जिक्र नहीं

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लखनऊ। दादरी कांड में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की चार्जशीट में कहीं भी गोमांस का जिक्र नहीं किया गया है। पुलिस ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है उसमें 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में एक स्थानीय बीजेपी नेता का नाबालिग लड़का भी शामिल है। चार आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है। बाकी की तलाश जारी है।

बकरीद के एक दिन पहले हुई थी घटना
बकरीद के एक दिन पहले ग्रेटर नोएडा के दादरी में बीफ की अफवाह पर मोहम्मद अखलाक नाम के शख्स का मर्डर कर दिया गया था।

पुलिस की चार्जशीट में कौन शामिल?
पुलिस ने इसमें मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर लोकल बीजेपी लीडर संजय राणा के बेटे विशाल राणा और उसके चचेरे भाई शिवम का नाम शामिल किया है। पुलिस के अनुसार इन दोनों ने ही बाकी लोगों को उकसाने का काम किया था। जिसके बाद अखलाक का मर्डर हुआ। अपने बयान में विशाल और शिवम ने बताया कि उन्हें ऐसा करने के लिए कुछ लोगों ने कहा था। दोनों जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए भी तैयार हैं।

चार्जशीट में बीफ का क्यों नहीं है जिक्र?
अखलाक के घर से बरामद मीट का मथुरा के लैब में टेस्ट किया गया था। फोरेंसिक रिपोर्ट और लैब से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, अखलाक के फ्रिज से जो सैम्पल लिए गए थे, वो बीफ नहीं, बल्कि मटन था। डीएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि घर में बीफ रखने और खाने की अफवाह पर अखलाक का मर्डर हुआ था। उसके घर से जो सैम्पल लिए गए थे, उसकी फाइनल रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इसलिए चार्जशीट में बीफ का जिक्र नहीं किया गया।

फाइनल रिपोर्ट सिर्फ कोर्ट में होगी उजागर
डीएसपी अनुराग ने बताया कि फाइनल रिपोर्ट सिर्फ कोर्ट में उजागर की जाएगी।

अखलाक के बेटे-बेटी हैं मुख्य विटनेस
चार्जशीट में अखलाक के बेटे दानिश और बेटी शाइस्ता को मुख्य विटनेस बनाया गया है। शाइस्ता ने पुलिस को दादरी मामले में कई अहम डिटेल दी थी।वहीं, दानिश भी हमले में घायल हुआ था। पुलिस के लिए उसका बयान ज्यादा अहम है।

अखलाक के घर वालों का बयान?
अखलाक के परिवार का आरोप है कि घर पर हमला करने और अखलाक की जान लेने वाली भीड़ को कथित रूप से कुछ लोगों ने भड़काया था।इन लोगों के रिश्ते लोकल बीजेपी लीडर संजय राणा से थे। अब चार्जशीट में नामजद लोगों में से एक संजय राणा का बेटा विशाल भी है।

यह है मामला?
बकरीद से एक दिन पहले ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके में एक मंदिर में घोषणा की गई कि एक बछड़ा मार दिया गया है। इसके बाद भीड़ ने 52 साल के मोहम्मद अखलाक को उसके घर से बाहर घसीटा और पीट-पीटकर मार डाला। भीड़ ने अखलाक के बेटे दानिश को भी पीटा, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस वारदात में सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इस मामले में नामजद चार युवक अखलाक की बेटी के साथ पढ़ते थे।

गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार से मांगी थी रिपोर्ट
मामला बढ़ता देख केंद्र सरकार ने यूपी सरकार से रिपोर्ट तलब की थी। प्रदेश सरकार ने रिपोर्ट होम मिनिस्ट्री को भेजी।इसमें अखलाक के मर्डर का कोई कारण नहीं बताया गया था। रिपोर्ट में बीफ की बजाए प्रतिबंधित पशु शब्द का इस्तेमाल किया गया था। कहा गया था कि एक कम्युनिटी के कुछ लोगों ने प्रतिबंधित पशु की हत्या किए जाने के शक में अखलाक के घर पर तोड़फोड़ और मारपीट की। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।

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