सत्‍ता की हनक में पुलिस ने कराया सपा विधायक के विवाद का समझौता

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20151226032425-1024x472कानपुर। यूपी के कानपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी इरफान सोलंकी व उनकी चचेरी बहन से पैसो के लेनदेन का विवाद बीते दिनों हुआ था। आरोप था कि इरफान पर उनकी चचेरी बहन उजमा और चाचा इकबाल सोलंकी ने हमला किया। जिसके बाद विवाद में पहुंची पुलिस ने मामले को समझौता करा दिया। लेकिन पुलिस द्वारा समझौता कराने के मामला एक बार फिर सत्ता का दबाव देखा गया। अगर यहीं मामला विधायक परिवार से न होकर आम जनता को होता तो पुलिस दोनों पक्षो को 151 के तहत कार्रवाई करती। लेकिन मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के चलते एकबार फिर पुलिस बैकफूट पर दिखी।

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पुलिसकर्मी को पीटा था सपा नेता के भाईयों ने

कुछ दिन पहले ही चकेरी थाने में सपानेता के भाईयों ने चकेरी थाने में तैनात पुलिसकर्मी को बेरहमसी से मारपीटा था। उस मामले में पुलिसकमी ने चकेरी थाने में सपा नेता के भाईयों के खिलाफ तहरीर दी थी। लेकिन सत्ता की हनक के चलते पुलिसकमी को भी न्याय नहीं मिल सका।

उजमा सोलंकी ने मांगी सुरक्षा

इस मामले में सपानेत्री उजमा सोलंकी से पूछा गया तो उन्होंने यह बताया कि जिस तरह कल उनके चचेरे भाईयों ने पिता इकबाल और मुझसे मारपीट की। उससे यहां प्रतीत हो रहा है कि उनके भाई इरफान सोलंकी उन्हें सपा पार्टी में नहीं देखना चाहते हैं। जिसके चलते वह अक्सर इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। बवाल के चलते उन्होंने एसएसपी से परिवार व खुद की सुरक्षा मांगी हैं।

क्‍या था मामला

समाजवादी पार्टी के चर्चित विधायक हाजी इरफान सोलंकी पर शनिवार को हमला हुआ था। इरफान पर उनकी चचेरी बहन उजमा और चाचा इकबाल सोलंकी ने हमला किया। मामला दो करोड़ रुपए की लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा था। दोनों परिवारों लम्‍बे अरसे से विवाद चल रहा है। इरफान कानपुर में चकेरी इलाके में जाजमऊ इलाके की‍ डिफेंस कॉलोनी में रहते हैं। वह सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं।

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