कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को चार दिनों से पुलिस ने किया नजरबंद, कोर्ट ( court ) में भेजी याचिका

झांसी ( Jhansi ) में पिछले चार दिनों से घर में ही नजरबंद कांग्रेस ( Congress ) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य  ( Pradeep Jain Aditya ) के सहयोगियों के साथ जारी आमरण अनशन।

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी ( Jhansi ) में पिछले चार दिनों से घर में ही नजरबंद कांग्रेस ( Congress ) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य  ( Pradeep Jain Aditya ) के सहयोगियों के साथ जारी आमरण अनशन के बीच सोमवार को उच्चतम न्यायालय ( Supreme court )  के मुख्य न्यायाधीश को नजरबंदी के विरोध में याचिका भेजी गयी। इसके बाद पुलिस ( Police ) प्रशासन पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया और सभी नेताओं को आजाद कर दिया गया।

गाय बचाओ, किसान बचाओ यात्रा निकालने और उसमें शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ( Police ) ने लगभग सभी स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को 24 दिसम्बर की रात से ही उनके घरों में नजरबंद कर दिया था। किसी भी नेता को घर से बाहर ही नहीं निकलने दिया जा रहा था, इस पर कांग्रेसी नेता लगातार जबरदस्त नाराजगी जता रहे थे।

अधिकारियों से नजरबंदी हटाने की बात की

प्रदीप जैन आदित्य ( Pradeep Jain Aditya )  ने सोमवार सुबह फिर अधिकारियों से नजरबंदी हटाने की बात की लेकिन उनकी ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद जैन ने उनको अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने को लेकर उच्चतम न्यायालय ( Supreme court ) के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को याचिका भेजी। याचिका में इस मामले पर उच्चतम न्यायालय ( Supreme court ) के मुख्यन्यायाधीश से स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया गया। जैन के पुत्र गौरव जैन की ओर से भेजी गयी याचिका में उनके पिता और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके प्रदीप जैन आदित्य को झांसी पुलिस प्रशासन की ओर से दमनकारी और मनमाना रवैया दिखाते हुए गैरकानूनी रूप से उनके ही घर में बंद किये जाने के का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगायी गयी।

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रिहाई के बाद सभी कांग्रेसी नेता जैन के आवास पर पहुंचे

रिहाई के बाद सभी कांग्रेसी नेता जैन के आवास पर पहुंचे और खुशी का इजहार किया। जैन ने हनुमान जी के मंदिर मे दर्शन के बाद सहयोगियों के साथ जूस पीकर आमरण अनशन समाप्त किया । इस पूरे घटनाक्रम पर जैन ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार पूरी तरह से दिशाहीन हो गयी है किसी मामले को सुलझाने का तरीका उसे पता ही नहीं है और इसी नासमझी में ऐसे तुगलकी फरमान जारी कर दिये जाते हैं। राजनीति ( Politics )  में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही चलने का काम करते है अगर हम नहीं चलेंगे तो कैसे मुद्दे उठाये जायेंगे तथा सरकार के कार्यों से विरोध किस तरह से जताया जा सकेगा।

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मुख्य न्यायाधीश को भेजी गयी याचिका

उन्होंने उच्चतम न्यायालय ( Supreme court ) के मुख्य न्यायाधीश को भेजी गयी याचिका के संबंध में कहा कि इसमें कुछ न कुछ दिशा निर्देश जरूर दिये जायेंगे जिससे आगे विपक्षी दलों द्वारा किये जाने वाले प्रदर्शनों या किसी अन्य काम पर प्रशासन द्वारा लगाये जा सकने वाली रोक को लेकर तस्वीर साफ हो पायेगी।

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