राष्ट्रपति भवन अवार्ड लौटाने जा रहे खिलाड़ियों को पुलिस ने रोका

राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने निकले हालांकि, इन सभी को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। 

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को समाज के हर तरह के लोगो का समर्थन मिल रहा है। सोमवार को कई पूर्व और मौजूदा खिलाड़ी कृषि कानूनों के विरोध में अपना अवॉर्ड वापस करने राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने निकले. हालांकि, इन सभी को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया।

आपको बता दें कि कृषि कानून के विरोध में कुछ दिनों पहले ही इस तरह अवॉर्ड वापसी की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपना पद्म विभूषण सम्मान लौटाया, उसके बाद कुछ लेखकों की ओर से साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटाया गया। अब राष्ट्रपति भवन अवार्ड वापिस करने जा रहे खिलाड़ियों को पुलिस ने रोका।

बीते दिन बॉक्सर विजेंद्र सिंह भी किसानों का समर्थन करने सिंधु बॉर्डर पहुंचे थे। यहां विजेंद्र सिंह ने कहा था कि अगर केंद्र सरकार ये कानून वापस नहीं लेती है,तो वो अपना खेल रत्न वापस लौटा देंगे। विजेंद्र सिंह से पहले रेसलर द ग्रेट खली ने भी किसानों का समर्थन किया था और दिल्ली में प्रदर्शन करने की बात कही थी।

किसान आंदोलन 

आंदोलन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच पाँचवें दौर की बातचीत में भी अब तक कुछ नतीजा नहीं निकल सका है। किसानों ने तो कह दिया है कि वो तीनों नए कृषि क़ानूनों को वापस लेने की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन मोदी सरकार क्या सोच रही है, सरकारी और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक़ मोदी सरकार क़ानून वापस लेने का कोई इरादा नहीं रखती।

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