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राजस्थान में सियासी घमासान जारी, जानिए क्यों

उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान में बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी पी जोशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जयपुर: राजस्थान के जयपुर उच्चतम न्यायालय में बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी पी जोशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में इनके अलावा विधानसभा सचिव और कांग्रेस में शामिल हुए सभी छह बसपा विधायकों को भी न्यायालय ने नोटिस जारी किया है।

न्यायाधीश अब्दुल नजीर और न्यायाधीश के एम जोसेफ की खंडपीठ ने यह आदेश बसपा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक मदन दिलावर की एसएलपी पर दिए हैं। बसपा ने अपनी याचिका में दलील दी कि बसपा एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी है। लिहाजा, पार्टी की किसी भी यूनिट के विलय का फैसला राज्य की यूनिट नहीं कर सकती, जबतक कि राष्ट्रीय इकाई पार्टी के विलय पर मुहर न लगा दे।

मामला विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष

एसएलपी में राजस्थान उच्च न्यायालय के पिछले साल के 24 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें उच्च न्यायालय ने बसपा की याचिका को खारिज करते हुए दलबदल का मामला विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाने की छूट दी थी। एसएलपी में कहा गया कि बसपा विधायकों को सत्ता का लालच देकर कांग्रेस में शामिल किया गया है। इसके विरुद्ध पार्टी पहले स्पीकर के समक्ष की गई, जहां सुनवाई नहीं होने पर उच्च न्यायालय की एकलपीठ में याचिका पेश की गई लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए दल बदल के मामले को विधानसभा अध्यक्ष के सामने उठाने को कहा था।

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