Ponzi किंग बर्नी मैडॉफ का निधन, नैस्डैक चैयरमेन से जेल तक के सफर की एक झलक

नेवडा :  अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़ी फिनांशियल धोखाधड़ी में शामिल बर्नी मैडॉफ का 82 साल की उम्र में निधन हो गया है। नैस्डैक के चैयरमेन रहे मैडॉफ ने दिसंबर 2008 में दुनिया को उस वक़्त चौंका दिया, जब उन्होंने पब्लिक्ली कबूल किया था उनका इनवेस्टमेंट बिजनेस एक मल्टीबिलियन-डॉलर Ponzi स्कैम है। जिसके बाद अगले साल अदालत ने उन्हें लम्बी कैद की सजा सुनाई थी।

Ponzi स्कैम से कस्टमर्स के अरबों डॉलर हड़प लिए थे।

दरअसल उन्होंने किया यह था की अपने कस्टमर्स का पैसा बिना इन्वेस्ट किये साल दर साल बढ़िया मुनाफा के बयान गढ़ते रहे। इस मसले के बाद जब नया ट्रस्टी अप्पोइंट हुआ तब दुनिया को भनक लगी की मैडॉफ ने कस्टमर्स के कई बिलियन डॉलर हड़प लिए हैं। इस मसले के जानकारों के अनुसार धोखाधड़ी के बाद अमेरिकी अदालत ने मैडॉफ को 150 साल की सजा सुनाई थी। लाइलाज बीमारी से जूझते मैडॉफ इस सजा के दस साल पूरे कर चुके थे। मीडिया को दिए बयान में डॉफ के वकील ने कहा कि किडनी की बीमारी से जूझते उनके क्लाइंट काफी समय से डायलिसिस पर थे। आप की जानकारी के लिए बताते चलें की मैडॉफ की इस चालबाज़ी पर अमेरिका के मशहूर ABC  टेलीविजन ने “मैडॉफ- कॉन मैन” नाम की एक फिल्म भी बनाई थी।

इसी कड़ी में मैडॉफ पर लिखी गई डायना हेनरिक्स की एक किताब पर HBO ने फिल्म “द विजार्ड ऑफ लाइज” को बनाया था। जिसे 2017 में रिलीज़ किया गया था। जिसमे मैडॉफ का किरदार मशहूर अमेरिकी एक्टर रॉबर्ट डी नीरो ने निभाया था।

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