आदर पूनावाला को मिल जाये स्वदेशी Investment तो Serum से होगा देश को ये बड़ा फायदा

भारतीय Serum संसथान दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कम्पनी है। जिसका वैक्सीन का उत्पादन दुनिया में अन्य कंपनियों से सबसे ज्यादा है। BCG, poliomyelitis, Poliovac और बच्चों को लागने वाले टीकों का उत्पादन सीरम कर रहा है।

लखनऊ: कोरोना Vacination को लेकर भारत सरकार लगातार लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, पर कई राज्यों में घटती Vaccine dose ने भारत के Vaccine निर्माता को चिंता में डाल दिया है। भारत में कोरोना Vaccine बनाने वाले Serum Institute of india के CEO आदर पूनावाला ने Covid-19 vaccine के प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए 3000 करोड़ रुपये की मांग रखी है। उन्होंने कहा हम भारतीय बाजार में 150-160 रुपये के लगभग वैक्सीन की आपूर्ति कर रहे हैं। जबकि वैक्सीन की औसत कीमत लगभग 20 डॉलर यानी 1500 रुपये है। ऐसा नहीं है कि हम मुनाफा नहीं कमा रहे हैं, लेकिन हमें और मुनाफे की जरूरत है, जो फिर से इन्वेस्ट करने के लिए जरूरी है। कम्पनी का इरादा कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन 7 करोड़ खुराकों से बढ़ाकर 10 करोड़ खुराकों तक पहुँचाना है।

पहले आपको बताते हैं Serum Institute के बारे में

भारतीय Serum संसथान दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कम्पनी है। जिसका वैक्सीन का उत्पादन दुनिया में अन्य कंपनियों से सबसे ज्यादा है। BCG, poliomyelitis, Poliovac और बच्चों को लागने वाले टीकों का उत्पादन सीरम कर रहा है। मौजूदा समय में फार्मा फर्म एस्ट्राजेनेका के साथ सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के साथ TieUP किया है, जो Oxford University के साथ मिलकर कोरोना की वैक्सीन Covishield विकसित कर रही है।

कैसे कर रहा है Serum देश में कोरोना महामारी से लड़ने में मदद 

भारत में लगातार कोरोना Vaccination का प्रोग्राम बड़े स्तर पर चल रहा है 30 लाख से ज्यादा लोग रोज़ कोरोना की वैक्सीन लगवा रहे हैं। भारत में आदर पूनावाला की कम्पनी सीरम इंस्टिट्यूट Covisheild वैक्सीन बना रहा है। ये वैक्सीन आपके शरीर को किसी बीमारी, वायरस या संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी तैयार करती है। बाहरी हमले से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करती है। देश ही नहीं ये वैक्सीन सीरम संसथान विदेशो में भी निर्यात कर रहा है।

जानिए दुनियाभर में Serum का कौन है कॉम्पिटिटर 

दुनिया में अभी तक ये चुनिंदा वैक्सीन सीरम की Competitor हैं। जिनमे Pfizer-BioNTech, Moderna, Sputnik V vaccine, SINOPHARM, और भारत में निर्मित cowaxin है। ये वैक्सीने कोरोना से बचने के लिए कारगर हैं।

अब तक कितने लोगों को लग चुकी है वैक्सीन

अब तक 100 से ज़्यादा देशों में Covid-19 की 35 करोड़ वैक्सीन लग चुकी है। कुछ देशों ने शुरू में ही ज्यादा संख्या में टीके  हासिल कर लिए और अपनी एक बड़ी आबादी को इसे लगा भी दिया। लेकिन कुछ देशों को तो अभी वैक्सीन की पहली खेप भी नहीं मिल पाई है। जबकि अकेले भारत में 8.31 करोड़  लोगों को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है।

क्या है वैक्सीन की DOSE लेने का प्रोसेस  

भारत में कोरोना वैक्सीन तीन phase में लगाई जा रही है पहले डोज़ लगने के 4-8 हफ्ते बाद दूसरी डोज़ लगेगी जो बूस्टर का काम करेगी। और अब तीसरे डोज़ की चर्चा भी चल  रही है जिसे सुपर बूस्टर कहा जा रहा है। जो दूसरे डोज़ के 6 महीने बाद लगेगी।

क्या कुछ होगा अगर आदर पूनावाला के Serum Institute को मिल जाये Investment

कोविड वैक्सीन बनाने में भारत की सफलता मुख्य तौर पर एक व्यक्ति पर टिकी है और वह हैं अदार पूनावाला। उनकी कंपनी Serum Institute of india दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी है। पिछले साल उनके परिवार के ही लोगों को लग रहा था कि आदर पूनावाला का दिमाग ख़राब हो गया है क्योंकि अदार अपना खुद का करोड़ों डॉलर उन वैक्सीन पर लगा रहे थे, जिनके बारे में यह तय नहीं थे कि वे कारगर भी साबित होंगीं या नहीं।

दिन इन वैक्सीन की 24 लाख डोज बना रही है Serum

लेकिन इस साल जनवरी में उन वैक्सीन की पहली खेप भारत सरकार को मिल गई. इन्हें ऑक्सफोर्ड और एस्ट्रेजेनेका ने विकसित किया था. अब अदार पूनावाला की कंपनी हर दिन इन वैक्सीन की 24 लाख डोज बना रही है। ऐसे में अब भारत के राज्यों में खत्म होती कोरोना वैक्सीन की डोज़ को पूरा करने के लिए उन्हें 3000 करोड़ का अगर Investment मिल जाता है तो सीरम कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन 7 करोड़ खुराकों से बढ़ाकर 10 करोड़ खुराकों तक पहुँचा सकती है।

जिस तरीके से हिस्दुस्तान की सबसे कारगर Covisheild वैक्सीन भारत के साथ ही विदेश भेजी जा रही है और इससे एक फार्मा Company का इतना विकास होगा कि दुनिया भर में भारत मिसाल बनेगा और हमारी Economy को एक नया booster मिलेगा।

विदेशी फंडिंग से हो सकती है भारत को मुश्किल

गौरतलब है कि फंडिंग कहीं न कहीं से तो Serum को मिलनी है। मगर वो अगर भारत के बाहर की होगी तो भारत के लिए नुक्सान दायक होगा। क्योंकि जिस किफायती दर में आदर पूनावाला इस वैक्सीन को दे रहे हैं इतने में तब भारत को वैक्सीन मिलना मुश्किल हो जायेगा और हमारे लिए एक नयी चुनौती खड़ी हो जाएगी। ऐसे में भारत सरकार को जितनी भारतीय वैक्सीन हैं उनको बढ़ावा देना चाहिए और उन कंपनियों की आर्थिक मदद करनी चाहिए जो भारत के लिए भी लाभ प्रद होगा और भारतियों के लिए भी।

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