पेशावर में लगेगा महाराजा रणजीत सिंह का पोर्ट्रेट और सिख मना सकेंगे उनका जन्मदिन

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पेशावर. पेशावर स्थित बाला हिसार फोर्ट की आर्ट गैलरी में अब संयुक्त पंजाब के पहले सिख प्रशासक महाराजा रणजीत सिंह का पोर्ट्रेट लग रहा है । काफी समय से स्थानीय सिख समुदाय इसकी मांग कर रहा था। खैबर-पख्तूनख्वा राज्य के प्रशासन ने सिख प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद पोर्ट्रेट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ये फैसला मेजर जनरल राहत नसीम, इंस्पेक्टर जनरल फ्रंटियर कॉर्प्स, नॉर्थ रीजन ने किया।

सिख समुदाय ने फैसले पर खुशी व्यक्त की और इस फैसले के ठीक बाद ही राहत नसीम ने सिखों को बाला हिसार फोर्ट में महाराजा रणजीत सिंह का जन्मदिन मनाने की अनुमति भी प्रदान कर दी। सिख समुदाय ने इस फैसले पर खुशी व्यक्त की। उनका जन्मदिन और बरसी मनाने के लिए हर साल पूरी दुनिया से सिख पाकिस्तान आते हैं।

कौन है महाराजा रणजीत सिंह

महाराजा रणजीत सिंह (1780-1839) सिख साम्राज्य के राजा थे। वे शेर-ए पंजाब के नाम से प्रसिद्ध हैं। महाराजा रणजीत एक ऐसी व्यक्ति थे, जिन्होंने न केवल पंजाब को एक सशक्त सूबे के रूप में एकजुट रखा, बल्कि अपने जीते-जी अंग्रेजों को अपने साम्राज्य के पास भी नहीं भटकने दिया। रणजीत सिंह का जन्म सन 1780 में गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) संधावालिया जाट महाराजा महां सिंह के घर हुआ था। महाराजा रणजीत सिंह ने 19वीं सदी की शुरुआत में कई दशकों तक पूरे पंजाब पर राज किया और अफगानों को खदेड़ा। अफगानों से कई लड़ाइयों के बाद वे सिर्फ 21 साल की उम्र में ही पंजाब के महाराजा बन गए थे।

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