पीएम का जोखिम उठा कर विरोधियो की तारीफ करना असल में है उनके लिए फायदेमंद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार को चुनावी मौसम में दिए एक गैर राजनीतिक इंटरव्यू में भी बड़े सियासी संदेश दे दिए. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिलचस्प इंटरव्यू में अपने राजनीतिक विरोधियों का जिक्र ऐसे वाकयों को बताने में किया, जिसके बड़े निहितार्थ निकाले जा रहे हैं.

इंटरव्यू में पीएम मोदी ने जहां गुलामनबी आजाद को अपना दोस्त बताया, वहीं अपनी धुर विरोधी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में कहा कि वे उन्हें हर साल कुर्ते और मिठाई भेजती हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक जब भी विपक्ष के नेताओं का जिक्र किया है, तो उनकी नाकामियों और खामियों का ही ‘बखान’ किया. चुनाव की तपिश जब अपने चरम पर है, ऐसे वक्त में पीएम मोदी का अपने विरोधियों की तारीफ करना बड़े राजनीतिक पंडितों के भी गले नहीं उतर रहा.

बेशक पीएम की विपक्ष के कई नेताओं से दोस्ती होगी, लेकिन हाल-फिलहाल के दिनों में उन्होंने सभी को निशाने पर ही रखा है. इस ‘गैर राजनीतिक’ इंटरव्यू में पीएम मोदी ने अपनी विपक्षी नेताओं से दोस्ती के किस्से सुनाए.

पीएम ने कहा कि बहुत पहले की बात है. तब मैं सीएम भी नहीं था. तब मैं किसी काम से संसद गया था. वहां गुलाम नबी आजाद और मैं बड़े दोस्ताना अंदाज में गप्पे मार रहे थे. हमें इस तरह बातें करते देख मीडिया वालों ने कहा कि तुम RSS वाले हो और आजाद से दोस्ती कैसे हो गई. इसका गुलाम नबी आजाद ने अच्छा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि देखो भाई बाहर आप लोग जो सोचते हो वैसा नहीं है. शायद फैमिली के रूप में हम सभी दलों के लोग जितने जुड़े हुए हैं, वो आप लोग सोच नहीं सकते हैं.

पीएम मोदी ने अपनी धुर विरोधी ममता बनर्जी का जिस अंदाज में जिक्र किया, सियासी जानकार इसके बड़े निहितार्थ निकाल रहे हैं. पीएम मोदी ने बेहद चतुराई से ममता बनर्जी से अपने सियासी ताल्लुकात पर कहा कि दीदी आज भी साल में एक-दो कुर्ते भेजती हैं. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरह दीदी मिठाई भी जरूर भेजती हैं.

पीएम मोदी इस दौरान ये ताकीद करना नहीं भूलते कि हो सकता है कि इससे उन्हें चुनाव में नुकसान हो. यहां मोदी जिस नुकसान की बात कर रहे हैं, दरअसल वो नुकसान कम और नफा ज्यादा है.

पश्चिम बंगाल की कुल 42 में तीन चरणों में 10 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं. बचे हुए चार चरणों में राज्य की 32 सीटों पर चुनाव होने हैं. पीएम मोदी बखूबी जानते हैं कि उनके इस बयान से बंगाल में बड़ा संदेश जाएगा.

ममता बनर्जी के अब तक के चुनावी प्रचार में ‘हिट लिस्ट’ में मोदी ही रहे हैं. बंगाल से बैठकर दिल्ली में निशाना साधते हुए दीदी कई बार पीएम मोदी को आड़े हाथ ले चुकी हैं . साफ जाहिर है कि ममता का प्रचार मोदी विरोध के ही इर्द-गिर्द रहा है. ममता बनर्जी पूरे बंगाल में मोदी का विरोध करके ही अपने पक्ष में हवा बनाने का प्रयास कर रही हैं. ऐसे में मोदी का ये कहना कि दीदी उन्हें हर साल कुर्ते और मिठाई भेजवाती हैं, ममता बनर्जी के मोदी विरोध का दावा कमजोर करता है.

मोदी के बयान का एक पहलू और है. मौजूदा वक्त में बीजेपी की हालत 2014 जैसी नहीं है. तमाम सर्वे में भी ऐसा ही अनुमान लगाया जा रहा है. जीएसटी, नोटबंदी, और राफेल जैसे मुद्दों पर पूरा विपक्ष उन्हें घेरने की कोशिश कर रहा है. यूपी में बसपा-सपा की बेमेल दोस्ती भी मोदी लहर में पलीता लगाती दिख रही है. यानि इस बार यूपी में 73+ और देश में 300+ का बीजेपी का दावा कमजोर दिख रहा है. ऐसे में अगर 23 मई के बाद सरकार बनाने में कुछ नंबर कम पड़े तो बीजेपी के पास जोड़-तोड़ की कुछ तो गुंजाइश रहे. दीदी के लिए मोदी के नरम बोल को इस गुंजाइश से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

यहां ये गौर करने वाली बात है कि पश्चिम बंगाल में अभी 32 सीटों पर चुनाव होने हैं. राज्य में चौथे चरण यानि 29 अप्रैल को कुल 8 सीटों बेहरामपुर, कृष्णानगर, राणाघाट, बर्धमान पूर्व, बर्धमान-दुर्गापुर, आसनसोल, बोलपुर, बीरभूम पर चुनाव होने हैं.

वहीं पांचवे चरण में सात सीटों बंगांव, बैरकपुर, हावड़ा, उलुबेरिया, श्रीरामपुर, हुगली, आरामबाग पर, छठे चरण में 8 सीटों तामलुक, कांति, घाटल, झारग्राम, मेदिनीपुर, पूर्णिया, बांकुरा और विष्णुपुर में चुनाव होंगे. सातवें और आखिरी चरण में कुल 9 सीटों दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर में चुनाव होने हैं. यानि बंगाल की असली पिक्चर अभी बाकी है. और इसकी शुरुआत में ही मोदी ने ममता बनर्जी पर एक गैर राजनीतिक इंटरव्यू में कुर्ते और मिठाई की बात बोलकर बेहद चालाकी भरा दांव चला है.

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