केंद्र सरकार के नोटबंदी फैसले पर राष्‍ट्रपति ने दिया बड़ा बयान, पढ़ें

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के नोटबंदी फैसले की खुद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तारीफ की है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की तारीफ तो की पर इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका भी जताई है। राष्ट्रपति ने कहा है कि इकोनॉमी पर नोटबंदी का असर हो सकता है जिससे इसकी रफ्तार धीमी हो सकती है। केंद्र सरकार के नोटबंदी फैसले से जहां कालाधन और भष्ट्राचार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, वहीं इससे अर्थव्यवस्था में अस्थायी रूप से कुछ नरमी आ सकती है।

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केंद्र सरकार के नोटबंदी फैसले को लेकर सभी पार्टी ने किया था विरोध

8 नवंबर को पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में 9 नवंबर 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने का ऐलान किया था। इसके बाद 10 नंवबर से देश के सभी बैंकों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें नोट जमा करवाने और बदलवाने के लिए लगी थीं। इसके तहत सरकार ने 30 दिसंबर तक पुराने नोट जमा कराने के लिए लोगों को 50 दिन का समय दिया था। बाद में सरकार और आरबीआई ने नोटबंदी के बाद कई नए ऐलान भी किए और नियमों में बदलाव के तहत पुराने नोट बदलवाने की सीमा पहले घटाकर 2500 रुपये की और इसके बाद उस सीमा को खत्म ही कर दिया।

97 फीसदी वापस आई करेंसी

कल ही कई रिपोर्ट्स के हवाले से ये दावा किया जा रहा है कि देश में पुराने नोटों की शक्ल में 97 फीसदी करेंसी वापस आ चुकी है और सरकार की नोटबंदी के जरिए काला धन सिस्टम से हटाने की कोशिश असफल साबित हो चुकी है। लेकिन आरबीआई ने कहा है कि वह 50 दिन की निर्धारित अवधि में जमा कराए गए प्रतिबंधित नोटों का भौतिक नकदी अधिशेष के साथ मिलान कर रहा है ताकि गिनती में किसी गलती की गुंजाइश न बचे. नोटों की गिनती तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जमा कराए गए नोटों के आंकड़े उसके बाद जारी किए जाएंगे।

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