सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लाइव टेलीकास्ट की तैयारी, कोर्ट ने सरकार से मांगे सुझाव

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अपनी कार्यवाही को लाइव दिखाए जाने के पक्ष में रजामंदी दे दी है। हालांकि अभी इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। लेकिन अगर ऐसा होता है तो कोर्ट की कार्यवाही को लाइव देखा जा सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन इसकी शुरुआत की जा सकती है और अगर ऐसा होता है तो कोर्ट नंबर एक यानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के कोर्ट से ऐसा किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस मामले में विभिन्न स्टेकहोल्डर्स सहित केंद्र सरकार से इस पर उनकी राय मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि बार एसोसिएशन से राय ली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार दोनों की सहमति होने पर मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से इस बारे में व्यापक गाइडलाइंस तैयार करने को कहा है।

चीफ जस्टिस की बेंच के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने भी इस पर अपनी सहमति दी है। सुनवाई के दौरान जज चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा कि हम मूलभूत रूप से एक ओपन कोर्ट हैं। मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

मुख्य न्यायाधीन ने कहा कि इस कोर्ट में सुनवाई के लिए कम स्थान है। उन्होंने अटॉर्नी जनरल को सेफगार्ड्स तैयार करने को कहा। उन्होंने इसे समय की जरूरत बताया और कहा कि मीडिया जगत को समय से इसकी जानकारी मिलनी चाहिए।

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि इंग्लैण्ड के सर्वोच्च न्यायलय ने इस काम के लिए गैर-व्यवसायी प्रसारकों के साथ करार किया है। लेकिन इसके प्रसारण का लाभ व्यवसायिक हित के लिए नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि शैक्षणिक लाभ के लिए होना चाहिए।

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