राष्ट्रपति जिनपिंग ने तिब्बत के पाठ्यक्रम में किया बदलाव 

बीजिंग : राष्ट्रपति जिनपिंग के आह्वान के बाद बिना देरी करते हुए चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के स्कूलों में चीन की महानता बखान करने वाले अध्याय . चीन का मानना है कि अब तिब्बत के बौद्ध धर्म का चीनीकरण हो जाना चाहिए.

वही दूसरी ओर चीनी अधिकारियों का मानना है कि इससे तिब्बत के लोगों में चीन के प्रति सोच और धारणा में बदलाव लाया जा सकेगा.

चीनी (China) राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के तिब्बत (Tibet) को लेकर किये गए आह्वान के बाद चीनी प्रशासन ने नए कदम उठाना शुरू कर दिया है . तिब्बत की किलेबंदी की शुरुआत चीन ने स्कूलों में चीन से जुड़ाव वाला पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना शुरू करके की है. चीन के राष्ट्रपति का मानना हैं इसके बाद भैयाचारा की भावना देखने को मिलेगी . जिंगपिंग तिब्बत की सोच में बदलाव लाना चाहते हैं . छात्रों के मन में चीन के प्रति प्यार की भावना आये . इससे आने वाले समय में चीन और तिब्बत के बिच अच्छे संबध का निर्माण होगा .

आपको बता दे जिनपिंग ने तिब्बत में कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत करने पर भी काफ़ी ज़ोर दिया हैं . जिनपिंग ने कहा, पार्टी जब वहां पर अपना काम बढ़ाएगी, तब लोग खुद ब खुद उसकी विचारधारा से जुड़ते चले जाएंगे. अध्याय का जोड़ना सिर्फ रिश्तों में सुधार लाने के लिए हैं .

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