दुनिया की सबसे बड़ी सुरंग का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्धघाटन

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में दुनिया के सबसे बड़े सुरंग का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। इसका शिलान्यास अटल बिहारी वाजपेयी ने 26 मई 2002 में किया था। PM मोदी ने कहा कि जिस गति से काम चल रहा था यह 2040 से पहले बनकर तैयार नहीं होता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

बता दें कि PM मोदी बहुत लंबे समय तक हिमाचल में भाजपा के प्रभारी थे। PM मोदी को लगता था कि इस सुरंग की बहुत जरूरत है। जिससे हिमाचल के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर अटल बिहारी वाजपेयी से इस सुरंग बनाने को लेकर बात कही थी। जिसके बाद इस योजना की स्वीकृत हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 2014 से अबतक 6 सालों के अंदर अटल जी के नाम पर यह अटल टनल बनकर तैयार हो गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के कई इलाकों से दूसरे इलाकों से कई महीनों तक संपर्क नहीं रहता था। जिन महीनों में संपर्क रहता भी था तो आने जाने में दूरी बहुत रहती थी समय भी बहुत लगता था। अब इस सुरंग के हो जाने से सालों भर आना जाना हो सकेगा और समय भी कम लगेगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि सीमा सुरक्षा की दृष्टि से तो यह टनल अति महत्वपूर्ण है। लद्दाख की ऊंचाइयों पर रह रहे सैनिकों तक राशन पंहुचाने में अब सुविधा होगी। सैन्य दृष्टि से जरूरी सामानों को पंहुचाना भी अब आसान हो जाएगा।

इसके उद्धाघन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एक दु:खद प्रसंग रहा कि देश की पिछली सरकारों ने देश के सुरक्षा प्रबंध पर ध्यान ही नहीं दिया। आज हमारी सीमा पर हर जगह मजबूत सड़कों का जाल बिछ रहा है। पुल पुलिये और सुरंगें भी बन रही हैं। उसी कड़ी में यह बेहतरीन अटल टनल बना।

10 हजार फीट है ऊंचाई

इस अटल टनल की समुद्रतल से ऊंचाई 10 हजार फीट है। यह 9 मीटर लंबा सुरंग है। इस सुरंग के नीचे भी एक आपाद छोटा सुरंग बनाया गया है। आपाद स्थिति में लोगों और कुछ गाड़ियों को इससे होकर निकाला जा सकेगा। दक्षिण छोर से कुल्लू मनाली नजदीक है और इस टनल के उत्तरी छोर के पास लाहौल है। पूर्वी छोर से लद्दाख लेह जाने का रास्ता है। सेना और नागरिकों दोनों के लिए अटल टनल अति महत्वपूर्ण हो गया।

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