पीएम नरेंद्र मोदी देश में लागू कर सकते हैं ‘वन नेशन-वन इलेक्शन फार्मूला’

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराए जाने के सिस्टम का समर्थन किया है। इससे पहले भी वह वन नेशन वन इलेक्शन के तहत देश में चुनाव कराने पर जोर दे चुके हैं। पीएम मोदी के अलावा भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाड़ी समेत कई महत्वपूर्ण लोग इस फार्मूले के हक में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं।

अब जबकि आगामी 2019 लोकसभा चुनाव नजदीक हैं तब भाजपा ने एक देश एक चुनाव के इस मुद्दे पर पब्लिक डिबेट कर उसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी है। इस रिपोर्ट में वन नेशन वन इलेक्शन फार्मूले के समर्थन में कई विश्वविद्दालयों की तरफ से रिसर्च पेपर शामिल किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां इस मामले पर बीजेपी से सहमत नहीं हैं।

जानिए पीएम मोदी को सौंपी गई रिपोर्ट में किन मुद्दों पर दिया गया है जोर
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार प्रधानमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में बीजेपी ने मध्यावधि और उपचुनाव की प्रक्रिया को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में एक साथ चुनाव कराने से अविश्वास प्रस्ताव और सदन भंग करने जैसे मामलों में भी मदद मिलेगी।

बीजेपी की इस रिपोर्ट में कहा गया है ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ सिस्टम के तहत सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए विपक्षी पार्टियों को अगली सरकार के समर्थन में विश्वास प्रस्ताव भी लाना जरूरी होगा। ऐसे में समय से पहले सदन भंग होने की स्थिति को टाला जा सकता है।

स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि उपचुनाव के केस में दूसरे स्थान पर रहने वाले व्यक्ति को विजेता घोषित किया जा सकता है, अगर किसी कारणवश सीट खाली होती है।

रिपोर्ट में हर साल होने वाले चुनावों की वजह से पब्लिक लाइफ पर पड़ने वाले असर की कड़े शब्दों में आलोचना की गई है। रिपोर्ट देश में दो चरणों में एक साथ चुनाव कराए जाने की सिफारिश करती है।

नीति आयोग की ओर से दिए गए विमर्श पत्र के हवाले से रिपोर्ट कहती है कि एक साथ चुनाव कराए जाने के पहले चरण में लोकसभा और कम से कम आधे राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ 2019 में कराए जाएं और फिर 2021 में बाकी राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए जाएं।

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