सऊदी अरब के दौरे पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू, आधिकारिक रूप से नहीं की घोषणा

नई दिल्ली: अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद से जो देश सबसे ज्यादा आसंकित हैं वो है सऊदी अरब और इजरायल। बाइडेन के सत्ता में आने से ये दोनों सबसे देश सबसे ज्यादा परेशान दिख रहे हैं। जहां इजरायल प्रधानमंत्री नेतन्याहू एक तरफ ईरान के साथ ट्रम्प द्वारा तोड़े गए परमाणु करार को फिर से बहाल न करने की बात कर रहा है। वहीं सऊदी अरब ऐतिहासिक संबंधों का अमेरिका को हवाला दे रहा है।

माइक पोम्पियो भी सऊदी अरब के दौरे पर

इसी बीच सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इजरायल प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सऊदी अरब का दौरा किया है। इस दौरे पर वो सऊदी के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की है। नेतन्याहू ने ऐसे समय में सऊदी अरब का दौरा किया है जब अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी वहीं मौजूद हैं।

नेतन्याहू के जेट ने निओम शहर में की लैंडिंग

टाइम्स ऑफ इजरायल ने सबसे पहले इस खबर को प्रकाशित किया कि नेतन्याहू सऊदी अरब की रेड सिटी निओम में पांच घंटे तक रूके रहे। सूत्रों के मुताबिक प्राइवेट जेट जिससे नेतन्याहू ने दौरा किया। तेल अवीव जो कि इजरायल की राजधानी हैं से उड़ान भरकर निओम शहर में लैंडिंग की। गौरतलब है कि सऊदी अरब पिछले कुछ वर्षों में इजारायल के साथ गुपचुप तरीके से दोस्ती को बढ़ा रहा है क्युंकि मोहम्मद बिन सलमान इजरायल को इरान के खिलाफ लड़ाई में अपना सबसे बड़ा साझेदार मानते हैं।

बाइडेन के आने से सऊदी और इजरायल के संबंधों पर ग्रहण

इजरायल और सऊदी अरब के बीच बढ़ती दोस्ती की संभावनाओं पर जो बाइडेन के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद ग्रहण लगता दिख रहा है। सऊदी अरब के कुछ नेताओं ने भी इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इजरायल फिलीस्तीन के साथ अपने रिश्ते सामान्य नही करता है तब तक सऊदी अरब इजरायल के साथ कोई भी कूटनीतिक रिश्ते नहीं बनाएगा।

आधिकारिक तौर पर नहीं की पुष्टि

हालांकि इजरायल ने इस तरह के किसी भी दौरे का आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है। नेतन्याहू मंगलवार को कोरोना वायरस से निपटने के लिए एक बैठक करने वाले थे जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथी ने इस दौरे का संकेत यह कहते हुए दिया था कि इजरायल के रक्षा मंत्री गैंट्ज राजनीति करने में लगे हैं जबकि प्रधानमंत्री देश में शांति कायम करने में लगे हैं। इसी शहर में सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की है। अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो के अनुसार उनका सऊदी अरब का दौरे का नतीजा सकारात्मक रहा है।

खाड़ी देशों में इरान के प्रभाव को रोकने की कोशिश

अमेरिका के विदेश माइक पोम्पियो ने नेतन्याहू से मुलाकात का कोई जिक्र नहीं किया। माइक पोम्पियो सात खाड़ी देशों के दौरे पर हैं जिनमें इजरायल भी शामिल है। माइक पोम्पियो ने अपने ट्वीट में कहा कि हम खाड़ी देशों में ईरान के प्रभाव को रोकने और विजन 2030 के तहत आर्थिक लक्ष्यों को हांसिल करने के लिए एक साथ काम करेंगे।

मध्यस्थता में यूएई और इजरायल की पहली मीटिंग

गौरतलब है कि अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इजरायल और खाड़ी देशों के बीच रिश्ते को सामान्य करने में लगे हैं। ट्रम्प की मध्यस्थता में ही सबसे पहले यूएई ने इजरायल के साथ बातचीत की थी।

यह भी पढ़ें: एस.सी.ओ के महासचिव व्लादीमीर नोरोव ने कहा, कोरोना काल में अर्थव्यवस्था को सुधारने में डिजिटल महत्वपूर्ण

Related Articles

Back to top button