पत्रकार छोड़ बॉलीवुड स्टार लेने पहुंचा प्रधानमंत्री का इंटरव्यू

अक्षय कुमार ने लिया प्रधानमंत्री का इंटरव्यू

बुधवार को अक्षय कुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू लेने पहुंचे| इंटरव्यू लेने से पहले यानि मंगलवार को अक्षय कुमार ने ट्विटर पे ट्विट कर लिखा की वो प्रधानमंत्री से गैर राजनीतिक सवाल पूछेंगे जो की उनकी निजी जिंदगी से जुड़े हुए होंगे| उन्होने यह भी बताया की वो इस बार कुछ ऐसा करने जारहे है जो उनोहने पहले कभी नहीं किया| उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत चुनाव के समय में ‘सुकून भरा माहौल’ देगी| अक्षय कुमार प्रधानमंत्री के साथ बातचीत का मौका पाकर अपने आपको गौरवशाली समझते है|

कुछ ऐसे पूछे सवाल

अक्षय कुमार नें नरेन्द्र मोदी से गैर राजनीतिक सवाल पूछे जो की उनके निजी जिंदगी से जुड़े थे| कुमार नरेन्द्र मोदी से सवाल पूछ कर उनकी अनसुनी पहलुओं को टटोलने पहुंचे| सवाल कुछ इस तरह थे:-

१.क्या आप हमेशा से पीएम बनान चाहते थे या सन्यासी?

२.क्या आपको गुस्सा आता है?

३.राजनीति रिश्ते कैसे है आपके?

४.सेना में भारती होने के अलावा क्या करना चाहते थे?

5.जब आप गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद देश के प्रधानमंत्री बने तो आपके बैंक में कुल जमा पूंजी 21 लाख रुपए थी और वो 21 लाख रुपए आपने अपने स्टाफ के बच्चियों के नाम एफडी कर के बांट दिए थे. फिर आज आपका बैंक बैलेंस कितना है?

6.आपको आम पसंद है?

नॉन पोलिटिकल सवाल पे कुछ पोलिटिकल जवाब

प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर ‘पीएम मोदी ने कहा कि बचपन में मेरा स्वाभाव था किताबें पढ़ना, बड़े बड़े लोगों का जीवन पढ़ता था| कभी फौज वाले निकलते थे तो बच्चों की तरह खड़ा होकर उन्हें सैल्यूट करता था| कभी मेरे मन में प्रधानमंत्री बनने का विचार नहीं आया और सामान्य लोगों के मन में ये विचार आता भी नहीं हैं और मेरा जो फैमिली बैकग्राउंड हैं उसमें मुझे कोई छोटी नौकरी मिल जाती तो मेरी मां उसी में पूरे गायों को गुड़ खिला देती| बताया कि अगर मैं कहूं कि मुझे गुस्सा नहीं आता तो लोगों को आश्चर्य होगा| यह कहना कि राजी, नाराजगी, गुस्सा यह मनुष्य के स्वभाव के हिस्से हैं| यह इंसान पर निर्भर करता है कि इसके साथ कैसे नियंत्रण रखते हैं| मुझे चपरासी से लेकर मुख्य सचिव तक किसी पर भी गुस्सा व्यक्त करने का मौका नहीं मिला| बैंक अकाउंट पे उनोहने काहा की ये आधी अधूरी बात है, इसलिए कि जब मैं गुजरात का CM बना तो मेरा बैंक अकाउंट नहीं था| जब MLA बना तो सैलरी आने लगी| स्कूल में देना बैंक के लोग आए थे. उन्होंने बच्चों को गुल्लक दिया और कहा कि इसमें पैसे जमा करें और बैंक में जमा कर दें लेकिन हमारे पास होता तब तो डालते| तब से अकाउंट यूं ही पड़ा रहा| आम पसंद वाले सवाल पे उनोहने कहा की ‘मुझे आम पसंद है मैं आम खाता हूं और मुझे आम पसंद भी है| वैसे जब मैं छोटा था तो हमारे परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी कि खरीद कर खा सकें, लेकिन हम खेतों में चले जाते थे और वहां पेड़ के पके आम खाते थे|

पीएम मोदी ने राजनीतिक लोगों से अपने रिश्तों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आपको हैरानी होगी, इससे शायद मुझे चुनाव में नुकसान होगा| लेकिन ये ममता दीदी साल में आज भी मेरे लिए एक-दो कुर्ते भेजती हैं| बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जी साल में 3-4 बार खास तौर पर ढाका से मिठाई भेजती हैं| ममता दीदी को पता चला तो वो भी साल में एक-दो बार मिठाई जरूर भेज देती हैं|

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