महिला व्यक्तिगत स्वच्छता को प्राथमिकता, छात्राओं को मुफ्त बांटी जाएंगी सैनिटरी नैपकिन

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश सरकार ने ऐसी पहल की जिसे हर कोई सराहना कर रहा है। राज्य सरकार ने सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रही किशोरियों को मुफ्त में सैनिटरी नैपकिन प्रदान करेगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को मासिक धर्म से जुड़े कलंक से निपटने, महिला व्यक्तिगत स्वच्छता को प्राथमिकता देने और सूचना के स्वस्थ संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्वच्छ’ कार्यक्रम शुरू किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “मासिक धर्म के बारे में बात करने से नहीं शर्माना चाहिए। हमें छात्राओं के बीच अधिक जागरूकता पैदा करने और उन्हें सुरक्षित प्रथाओं के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है।”

अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की शुरुआत कर रही है। इस पहल के तहत राज्य भर के सभी सरकारी स्कूलों और इंटरमीडिएट कॉलेजों में 7-12वीं कक्षा में पढ़ने वाली लगभग 10 लाख किशोरियों को हर महीने 10 सैनिटरी नैपकिन दिए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य मासिक धर्म के दौरान छात्राओं की अनुपस्थिति को कम करना और उनकी स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी है। अधिकारी हर दो महीने में एक बार स्कूलों का दौरा करेंगे और राज्य भर के 10,388 स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को नैपकिन वितरित करेंगे।

 

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