Privatization : 14 अप्रैल को लग सकती है इन बैंकों के नाम पर मुहर

नई दिल्ली : सरकार पब्लिक सेक्टर के बैंकों के प्राइवेटाइज़ेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। जानकारों के मुताबिक 14 अप्रैल को नीति आयोग, रिजर्व बैंक और फाइनेंस मिनिस्ट्री के फिनांशियल और इकनोमिक मामलों के विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें इस बारे में फैसला लिया जाएगा।

जानकारों  के मुताबिक बैंकों के Privatization की प्रक्रिया पर 14 अप्रैल को हो सकने वाली इस बैठक में नीति आयोग, RBI और फाइनेंस मिनिस्ट्री के आला अधिकारी शामिल होंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें नीति आयोग ने 4-5 बैंकों के प्राइवेटाइज़ेशन के बारे में सरकार को सुझाव दिया है। मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में दो बैंकों के नामों पर फैसला हो सकता है। प्राइवेटाइज़ेशन के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक की चर्चा तेज़ है। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक के नाम की भी चर्चा में शामिल है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फाइनेंस मिनिस्टर सीतारमण ने बजट में दो बैंकों के प्राइवेटाइज़ेशन की घोषणा की थी।

Privatization की खबर से खुश हुए हैं शेयर

मार्केट पर नज़र डालें तो इस खबर के बाद इन चारों बैंकों के शेयरों में तगड़ी उछाल आई है। इसी कड़ी में जहाँ  बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 9 % बढ़ा है वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर में 18 % ,आईओबी के शेयर में 11 % और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर में 7 % की तेजी देखी गई है। जानकारों के मुताबिक नीति आयोग ने यह भी तय कर लिया है कि किन बैंकों को प्रइवेटाइज़ नहीं किया जाएगा। इनमें स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल और बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ-साथ जिन बैंकों हाल ही में मर्जर हुआ, उन्हें प्राइवेटाइजेशन से बाहर रखा गया है। आप की जानकारी के लिए बता दें हाल में हुए कई बैंकों के मर्जर के बाद आज के मौजूदा समय में देश में बारह सरकारी बैंक बचे हैं।

यह भी पढ़ें : तो क्या सितंबर में पराया हो जाएगा Maharaja ! जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

 

Related Articles

Back to top button