मिर्जापुर में हिरासत में प्रियंका गांधी, धारा 144 लागू होने के बाद भी सोनभद्र जाने का प्रयास

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वाराणसी: सोनभद्र में नरसंहार के पीडितों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी को शुक्रवार की दोपहर मीरजापुर जिला प्रशासन ने हिरासत में ले लिया। इससे पूर्व वाराणसी ट्रामा सेंटर से प्रियंका का काफ‍िला जैसे ही मीरजापुर के रास्‍ते सोनभद्र रवाना हुआ वैसे ही नारायणपुर के पास उनको रोक दिया गया।रोके जाने के विरोध में प्रियंका गांधी और कांग्रेसी नेता मौके पर ही धरने पर बैठ गए। वहीं प्रियंका को हिरासत में लिए जाने की जानकारी होने के बाद पूर्वांचल में सियासी सरगर्मी भी बढ़ गई है।

प्रियंका गांधी के सड़क पर ही धरना शुरु करने की सूचना के बाद प्रशासन के माथे पर बल पड़ गया और आला अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई। पुलिस प्रशासन प्रियंका संग कांग्रेसियों को निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी देकर धरना खत्म कराने के लिए मनाने में जुटा रहा। वहीं जानकारी होने के बाद मौके पर कांग्रेसियों का जमावड़ा भी शुुरु हाे गया, जबकि कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए दोपहर 12 बजे एसडीएम चुनार की गाड़ी पर हिरासत में लेकर प्रियंका गांधी को धरना स्थल से हटाया गया। हिरासत में लेने के बाद उनको मीरजापुर जिला प्रशासन ने चुनार किला स्थित डाक बंगले में भेज दिया।

चुनार गेस्‍ट हाउस में भी धरना

चुनार किले में गेस्ट हाउस के गेट के बाहार भी कुछ देर के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा धरने पर बैठ गईं और कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच उन्‍होंने कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। प्रियंका ने अपने संबोधन में कहा कि – ”मेरी गिरफ्तारी का कोई भी कागज प्रशासन नहीं दिखा रहा है। राज्‍य में कानून व्‍सवस्‍था की स्थिति ठीक नहीं है। सोनभद्र में हुई जमीनी विवाद में हत्या में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। मीरजापुर की सीमा में नरायनपुर के पास गिरफ्तार कर चुनार किला लाया गया है। यहां से चाहे मुझे कहीं भी ले जाया जाय परन्तु मैं पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाऊंगी।”

हिरासत में लिए जाने के बाद चुनार गेस्ट हाउस पहुंची प्रियंका वाड्रा ने सबसे पहले एसडीएम से वारंट मांगते हुए पूछा कि बिना वारंट के मुझे कैसे यहां लाए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने उनको निषेधाज्ञा लागू होने की बात कहते हुए समझाने की कोशिश की। सोनभद्र में पीडि़त परिवार वालों से मिलने के लिए जाते समय रोकी गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने चुनार किले पर सीओ से कहा कि बिना वारंट के गिरफ्तारी नहीं होती है। यह तो किडनैपिंग है। इसके बाद सीओ हितेंद्र कृष्ण ने कहा कि मैम बगैर वारंट के भी गिरफ्तारी हो सकती है। प्रियंका गांधी को इसके बाद चुनाव गेस्ट हाउस ले जाया गया। हालांकि, इस दौरान किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

धरने पर बैठीं प्रियंका ने कहा कि वह सोनभद्र में हुई झड़प में मारे गए लोगों के परिवार से मिलने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रहीं थी लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। वह चाहती हैं कि उन्हें वहां जाने से रोकने का लिखित आदेश दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों से मिलने के लिए सिर्फ चार लोगों के साथ भी सोनभद्र जाने को तैयार हैं। प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने को लेकर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्हें केवल रोका गया। उन्होंने कहा कि प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया है।

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