प्रियंका गांधी की Amazing नाव सवारी, गंगा में लगाई डुबकी

मौनी अमावस्या’ के शुभ अवसर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने त्रिवेणी संगम पर नाव की सवारी की और गंगा में लगाई डुबकी

प्रयागराज: पूरा देश आज ‘मौनी अमावस्या’ के शुभ अवसर पर गंगा में आस्था की डुबकी लगा कर पवित्र स्नान कर दान-पुण्य कर रहा है। इस मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने त्रिवेणी संगम पर नाव की सवारी की और गंगा में लगाई डुबकी।

 

भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा

मौनी अमावस्या में व्रत करने वाले को पूरे दिन मौन व्रत का पालन करना होता इसलिए यह योग पर आधारित व्रत कहलाता है। शास्त्रों में लिखित है कि होंठों से ईश्वर का जाप करने से जितना पुण्य मिलता है, उससे कई गुणा अधिक पुण्य मन का मनका फेरकर हरि का नाम लेने से मिलता है। इसी तिथि को संतों की भांति चुप रहें तो उत्तम है। अगर संभव नहीं हो तो अपने मुख से कोई भी कटु शब्द न निकालें। इस तिथि को भगवान विष्णु और शिव जी दोनों की पूजा  करने का विधान है।

प्रियंका गांधी आनंद भवन में संगम विसर्जन से पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की अस्थियों के स्थल पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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इससे पहले प्रियंका गांधी सहारनपुर के शाकुंभरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। मां श्री शाकंभरी भगवती का अति पावन प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ शिवालिक पर्वतमाला के जंगलों में एक बरसाती नदी के किनारे है। जिसका वर्णन स्कंद पुराण, मार्कंडेय पुराण, भागवत आदि पुराणों मे मिलता है। मां का यही शक्तिपीठ देवी का नित्य स्थान है। कहा जाता है कि माता यहां स्वयंभू स्वरूप मे प्रकट हुई थी। जनश्रुतियों के अनुसार जगदंबा के इस धाम के प्रथम दर्शन एक चरवाहे ने किये थे। जिसकी समाधि आज भी मंदिर परिसर मे बनी हुई है। मां के दर्शन से पूर्व यहां देवी के अनन्य भक्त बाबा भूरादेव के दर्शन करने का विधान है। सती का शीश शाकम्भरी देवी स्थान पर गिरा था शाकम्भरी देवी मां के वैसे तो अनेक धाम है।

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