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Production linked Incentive Scheme: ‘देश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, सेल्फ रेगुलेशन पर जोर’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के बजट में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने से संबंधित प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम पर वेबिनार को संबोधित किया

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इस साल के बजट में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने से संबंधित प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (Production linked Incentive Scheme) पर वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तादाद में हिंदुस्तान के सभी कोनों से आप सबका इस महत्वपूर्ण वेबिनार में सम्मिलित होना, अपने आप में इसका महत्व दर्शाता है। हमारे उत्पादों को बेहतर पहचान मिले, इस पर काम करना जरूरी है। कोरोना (Corona) के बाद भारत ने आपदा को अवसर में बदला है।

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम पर वेबिनार में PM मोदी ने कहा कि देश का बजट और देश के लिए पॉलिसी मेकिंग सिर्फ सरकारी प्रक्रिया न रहे, देश के विकास से जुड़े हर स्टेक होल्डर्स का इसमें इफेक्टिव एंगेजमेंट हो। इसी क्रम में आज मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector), मेक इन इंडिया (Make in India) को ऊर्जा देने वाले आप सभी महत्वपूर्ण साथियों से चर्चा हो रही है।

हमारी सरकार मानती है कि हर चीज में सरकार का दखल समाधान के बजाय समस्याएं ज्यादा पैदा करता है। इसलिए हम सेल्फ रेग्युलेशन, सेल्फ असेस्टिंग और सेल्फ सर्टिफिकेशन पर जोर दे रहे हैं।

Millets का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष

पीएम मोदी ने कहा कि आपने कल ही देखा है कि भारत के प्रस्ताव के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को Millets का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष (International Year of Millets) घोषित किया है। भारत के इस प्रस्ताव के समर्थन में 70 से ज्यादा देश आए थे। और फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा में ये प्रस्ताव, सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

निर्माण की बढ़ती क्षमताएं देश में रोजगार के निर्माण को बढ़ाती हैं, भारत इसी अप्रोच के साथ तेजी से काम करना चा​हता है। इस सेक्टर में हमारी सरकार निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक के बाद एक सुधार कर रही है।

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सेल्फ रेगुलेशन पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मानती है कि हर चीज में सरकार का दखल समाधान के बजाय समस्याएं ज्यादा पैदा करता है। इसलिए हम सेल्फ रेगुलेशन (Self Regulation) पर जोर दे रहे हैं। इस वर्ष हमारा इरादा केंद्र और राज्य स्तर के 6,000 से ज़्यादा अनुपालन (Compliances) को कम करने का है।

इस वर्ष के बजट में PLI स्कीम से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उत्पादन का औसतन 5% इंसेंटिव के रूप में दिया गया है। सिर्फ पीएलआई स्कीम के द्वारा ही आने वाले पांच सालों में लगभग 520 बिलियन डॉलर का उत्पादन भारत में होने का अनुमान है।

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