Promise Day विशेष : हर मोर्चे पर विफल है मोदी सरकार, इन बड़े वादों को नही कर पाए पूरा

साल 2014 में मोदी सरकार ने देश के युवाओं से वादा किया था कि हर साल 2 करोड़ रोजगार देंगे। यानी 5 साल में 10 करोड़ रोजगार।

नई दिल्ली: मोदी सरकार अपने ही किए गए Promiss को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही।

रोजगार देने का Promise

साल 2014 में मोदी सरकार ने देश के युवाओं से वादा किया था कि हर साल 2 करोड़ रोजगार देंगे। यानी 5 साल में 10 करोड़ रोजगार। लेकिन इसका उल्टा होता दिखा, और 4 करोड़ 70 लाख नौकरियां चली गईं। और मोदी सरकार का कहना है कि   बेरोजगारी की दर पिछले 45 साल में सबसे अधिक है।

रोजगार
रोजगार

पेट्रोल-डीजल सस्ता करने का Promise

मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल को सस्ता करने पर जितना जोर दिया था आज उतना ही जोर से पेट्रोल-डीजल महंगाई की उचाईओं को छुने में लगा है। जबकि पड़ोसी देशों में भारत से सस्ते दामों में पेट्रोल-डीजल मिल रहे है।

पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल-डीजल

कालाधन लाने का Promise

मोदी सरकार ने 2014 के घोषणा पत्र में 100 दिन के अंदर 80 लाख करोड़ कालाधन वापस लाने का वादा किया था इसके साथ हर देशवासियों के खाते में 15-15 लाख जमा करने का भी Promise किया था। लेकिन नोटबंदी करके जेब में बचे पैसे भी खत्म करवा दिया गया।

भारतीय मुद्रा को मजबूत करने का Promise

भारतीय मुद्रा 40 रुपये को 1 डॉलर के बराबर करने का वादा किया गया था लेकिन इस समय 70 रुपया 1 डॉलर के बराबर चल रहा है।

किसानों की लागत का दोगुना मुनाफा देने का वादा

किसानों के हित में सोचते हुए मोदी सरकार ने वादा किया था, किसान कि जितनी लागत होगी उसके 50 फिशदी मुनाफा दिया जाएगा। फायदा का तो पता नही लेकिन सभी किसानों को सड़क पर लाने का काम जरुर की है।

गंगा साफ कराने का Promise

गंगा साफ कराने का वादा मोदी सरकार ने किया था नमामि गंगे योजना के तहत 5 साल में 80 फिसदी भी पैसे खर्च नही किया गया। और सफाई के नाम पर कुछ भी नही हुआ।

गंगा
गंग

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