अगली जनगणना में ओबीसी का डेटा अलग से जुटाने का प्रस्ताव

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नई दिल्ली : बीजेपी सरकार अगली बार यानि 2021 की जनगणना में ओबीसी का डेटा अलग से प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है। इस वर्ग की आबादी के आंकड़े अलग से जारी करने की मांग लंबे समय से नेता करते रहे हैं। ऐसे में मोदी सरकार का यह फैसला बड़ा कदम माना जा सकता है।

सूत्रों की मानें तो इस फैसले से मोदी सरकार 2019 के चुनाव में ओबीसी वोटर्स को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी सरकार ने जनसंख्या के आंकड़ों को पूरी तरह जारी करने का समय भी 5 साल से कम करके 3 साल कर दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि 2021 की जनगणना के पूरे आंकड़े 2024 में सामने आ जाएंगे। इससे पहले कभी भी अलग से ओबीसी डेटा नहीं जुटाया गया है।

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बता दें कि तमाम ओबीसी नेता इसकी मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। आबादी के अनुसार आरक्षण की मांग की जाती रही है। ऐसे में इसी और अधिक लोगों का सपोर्ट मिल सकता है। जनगणना की समय कम करने की वजह से यह तीन साल में ही पूरा डेटा सामने आ जाएगा।

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