साबित करें मुस्लिम महिलाओं का सिंदूर लगाना हराम है -वसीम रिजवी

नई दिल्ली। वसीम रिजवी ने मुस्लिम महिलाओं के श्रृंगार संबंधित आजादी पर अपनी राय रखकर कट्टरपंथियों को चुनौती दे दी है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मुस्लिम महिलाएं सिंदूर लगा सकती हैं, चूड़ियां और मंगलसूत्र पहनती हैं या फिर बिंदी लगाती हैं, तो सरई तौर पर यह बिल्कुल हराम नहीं है।

आपको बता दें उन्होंने आगे कहा दुनियाभर के कट्टरपंथी मुल्लाओं को चैलेंज है कि वे साबित करें कि किस शरई किताब में इसे हराम कहा गया है। चेयरमैन ने कहा कि हिंदुस्तान में यह तालिबानी मानसिकता का प्रचार है। इस तरह का फतवा जारी करने वालों से सख्ती से निपटने की जरूरत है।

जानकारी के मुताबिक हाल ही में टीएमसी की सासंद नुशरत जहा ने मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहन जब शपथ लेने संसद पहुंचीं तो वह सत्र के दौरान पारंपर‍िक अंदाज में नजर आईं। नुसरत ने माथे पर सिंदूर, हाथों में मेहंदी और चूड़ा पहना हुआ था। उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसके बाद देवबंदी उलेमा ने इस पर एतराज जताते हुए नुसरत जहां के खिलाफ फतवा जारी कर दिया था।

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