प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर अस्पतालों में जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में सोमवार को क्विन मेरी, जिला महिला अस्पताल, जिला संयुक्त चिकित्सालय सहित 80 शहरी एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों पर पीएमएसएमए दिवस का आयोजन किया गया।

इसके तहत मलिहाबाद क्षेत्र की विधायक जया देवी ने मलिहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी), बक्शी का तालाब क्षेत्र के विधायक अविनाश त्रिवेदी ने बीकेटी सीएचसी और उत्तरी क्षेत्र के विधायक डा. नीरज बोरा ने अलीगंज सीएचसी का भ्रमण कर जायजा लिया।

हर मां का सपना

पीएमएसएम्ए के तहत लगभग 3558 गर्भवती की जाँच हुई जिसमें 443 गर्भवती उच्च जोखिम की चिन्हित हुईं। इस मौके पर जया देवी ने कहा- हर मां का सपना होता है कि वह एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि पूरी गर्भावस्था के दौरान वह स्वस्थ रहे और प्रसव पूर्व जांचें करवाएं ताकि मां भी सुरक्षित रहे और गर्भस्थ शिशु भी।

इन बातों का रखे ध्यान

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए पीएमएसएमए का आयोजन किया जाता है ताकि उच्च खतरे वाली गर्भावस्था की पहचान कर गर्भवती को उचित इलाज मुहैया कराया जा सके। अविनाश त्रिवेदी ने कहा, पीएमएसएमए के आयोजन का मुख्य उद्देश्य गर्भवती की पूरी गर्भावस्था के दौरान एमबीबीएस चिकित्सक के द्वारा जांच करा कर उच्च जोखिम की गर्भावस्था की पहचान करना है ताकि उनका समय से उच्च अस्पताल में संदर्भन कर इलाज किया जा सके।

अधिक से अधिक जांच

अधिक से अधिक गर्भवती की जांच कर उच्च खतरे वाली गर्भावस्था की पहचान की जाये ताकि भविष्य में उन्हें किसी अनहोनी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा- सभी पंजीकृत गर्भवती का सुरक्षित प्रसव होने तक फॉलो अप किया जाता है।

हर व्यक्ति स्वस्थ हो चाहे वह बच्चा हो या युवा

डा. नीरज बोरा ने कहा कि एक स्वस्थ समाज की परिकल्पना तभी संभव है जब हर व्यक्ति स्वस्थ हो चाहे वह बच्चे हों, युवा वर्ग हो या बुज़ुर्ग, बच्चे तभी स्वस्थ व् सुपोषित होंगे जब गर्भ से ही इनका ध्यान रखा जाये। इसके लिए जरूरी है कि गर्भवती की सही समय पर जाँच की जाए और उन्हें समुचित इलाज मुहैया कराया जाये।

जोखिम वाली गर्भावस्था चिन्हित करें

पीएम्एसएमए को शुरू करने का मकसद ही यह है कि गर्भवती की जाँच प्रशिक्षित चिकित्सक से करवाई जाए और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था चिन्हित की जाये। इससे गर्भवती तो सुरक्षित रहेगी साथ में गर्भ में पल रहा बच्चा भी सुरक्षित रहेगा।

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