हिन्‍दू महासभा ने कहा, मोहम्‍मद साहब पर टिप्‍पणी करने वाले कमलेश को सजा मिले

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swami_chakrapani_16_11_2015

नई दिल्ली। पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्‍पणी करने वाले कमलेश तिवारी से हिंदू महासभा ने नाता तोड़ लिया है। हिंदू महासभा ने स्पष्ट किया है कि कमलेश तिवारी का न तो हिंदू महासभा से कोई संबंध है और न ही सभा उसके बयान का समर्थन करती है।

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महासभा का कहना है कि कमलेश को कानून के अनुरूप सख्त सजा मिले और अगर धर्मगुरु की शान में गुस्ताखी करने वालों के खिलाफ कोई कानून बनता है तो हिंदू महासभा उसका समर्थन करेगी।

हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने एक उर्दू दैनिक समाचार पत्र से बातचीत के दौरान कमलेश तिवारी द्वारा पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यक्ति का महासभा से कोई लेना देना है।

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उसे वर्ष 2008 में महासभा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष महंत नारायण ने बेतुकी बयानबाजी, अनावश्यक राजनीति और आपराधिक छवि के चलते महासभा से निकाल दिया था। उन्होंने कहा कि भारत सभी का देश है और किसी को भी किसी धर्मगुरु की शान में गुस्ताखी और बेअदबी की अनुमति नहीं है।

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उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने आरएसएस को बुरा कहा था जिसके जवाब में तिवारी ने पैगंबरे इस्लाम की शान में गुस्ताखी की लेकिन तिवारी को आजम खान को बुरा भला कहना चाहिए था, पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने की क्या जरूरत थी।

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जिस तरह से मुसलमानों द्वारा कमलेश तिवारी को मारे जाने पर 51 लाख का इनाम घोषित किया गया, वह भी गलत है। मैं अपील करता हूं कि इस तरह के फरमान वापस लिए जाएं।

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