गांधी जयंती के मौके पर पंजाब नेशनल बैंक ने आयोजित की फिट इंडिया फ्रीडम रन 2.0

लखनऊ: महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर लोगों के बीच स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के कर्मियों ने फिट इंडिया फ्रीडम रन 2.0 के आयोजन में हिस्सा लिया। आज की यह दौड़ केंद्र सरकार की ओर शुरु किए गए आजादी का अमृत महोत्सव नाम के पहल का एक अंग है।

फिटनेस को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए बैंक ने इसी तरह की दौड़ का आयोजन बीते माह भी किया था। इस अवसर पर पीएनबी के कार्यपालक निदेशक विजय दुबे ने कहा जैसा कि इस नारे `फिटनेस की डोज, आधा घटा रोज’ से स्पष्ट है कि हम पीएनबी परिवार के लोगों को स्वस्थ एवं फिट संस्था के निर्माण के लिए रोज शारीरिक गतिविधियों के लिए कम से कम 30 मिनट का समय निकालना चाहिए।

शारीरिक और मानसिक रुप से बेहतर स्वास्थ्य न केवल आज के अनिश्चित समय में अच्छे जीवन के लिए जरुरी है बल्कि इससे आप जीवन का भरपूर आनंद भी ले सकते हैं। केंद्र सरकार के युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय के तत्वाधान में इस पहल की शुरुआत इसी साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की गयी और समापन गांधी जयंती के मौके पर किया गया।

चुस्त व्यक्ति देश के आर्थिक व समग्र विकास

लाखों की तादाद में लोगों ने तय समय पर किसी खास स्थान पर अथवा वर्चुअल तरीके से किसी भी समय कहीं भी दौड़ में हिस्सा लेकर इस आयोजन को शानदार तरीके से सफल बनाया है। पीएनबी के मुख्य महाप्रबंधक सुनील सोनी ने कहा कि शारीरिक रुप से चुस्त व्यक्ति देश के आर्थिक व समग्र विकास में सहभागी बनते हैं। साथ ही संस्था की उत्पादकता के लिए भी कर्मियों का स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है।

अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प

इस पहल के साथ हम अपने दैनिक जीवन में फिटनेस को अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लेते हैं। अच्छे कार्यों में हिस्सेदारी के लिए सदा तत्पर रहने वाले पीएनबी के कार्यपालक निदेशक स्वरुप कुमार साहा, बैंक के उच्च अधिकारियों, पीएनबी हाकी टीम और अन्य कर्मियों ने उत्साह के साथ पीएनबी के द्वारका स्थित मुख्यालय से शुरु हुयी इस दौड़ में भाग लिया। पीएनबी के सभी जोनों व सर्किल कार्यालयों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर भागीदारी की।

केवल शारीरिक गतिविधियों की महत्ता

महात्मा गांधी की यादों को यह सबसे उचित श्रद्धांजलि थी जिन्होंने न केवल शारीरिक गतिविधियों की महत्ता को पहचाना था बल्कि यह सुनिश्चित किया था कि वो अपने अधिकांश जीवन में रोज कम से कम 18 किलोमीटर पैदल चलें। य़ह आयोजन इस मामले में और भी उल्लेखनीय रहा कि इसका आयोजन भारत की आजादी के 75 वें साल के मौके पर किया गया।

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