डॉ कफील खान पर बढी रासुका की समय सीमा,रहना होगा तीन महीने और जेल में

अलीगढ़: डॉ कफील खान पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की अवधि को एक बार फिर से अलीगढ़ जिला प्रशासन ने तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है.ऐसे में कफील ख़ान को नवम्बर तक जेल में ही रहना होगा. कफील पिछले छः महीने से  से रासुका के तहत मथुरा जेल में बंद हैं.  गृह विभाग के सचिव अनूप कुमार ने बीते 4 अगस्त को एक ऑर्डर जारी करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 180 की धारा 3 (2 ) अन्तर्गत कफील को  जिलाधिकारी  के आदेश  पर 13 फरवरी को निरूद्ध किया गया है. कफील खान को अब नवम्बर तक जेल में रहना होगा.

सीएए के विरोध में भड़काऊ भाषण का है आरोप

डॉ कफील खान पर पिछले साल दिसंबर 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थन में भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. तब से कफील खान जेल में ही हैं. इस बार फिर से रासुका की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई है. फिलहाल डॉ कफील को नवम्बर तक जेल में ही रहना होगा.

आपको बता दें कि डॉ कफील खान 2017 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की कमी से हुई बच्चों मौत की मौत मामले के बाद से पूरे देश में चर्चित हुए थे.जहां उन्हें झूठे आरोपों में जेल जाना पडा था बाद में कोर्ट से बरी हुए.

 पत्नी का आरोप बेवजह फंसाया जा रहा है

डॉ कफील की पत्नी की मानें तो सरकार ने बेवजह डॉ कफील पर रासुका लगाया है. जबकि उसकी तरफ से रासुका लगाने का कोई कारण नहीं बताया है. उन्हें रासुका की अवधि बढ़ने कि जानकारी 14 अगस्त को हुई है.

लगातार उठ रही है कफील खान को रिहा करने की आवाज

पिछले कुछ दिनों में डाक्टर कफील खान के चाहने वालों ने लगातार खान की रिहाई के लिए कैम्पेन चलाये हैं. तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर उनको रिहा करनी की मांग करते लोगों की अच्छी खासी संख्या है.

 

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