4.5 फीसदी बढ़ेगा रबी उत्पादन, सुधरेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: एनबीएचसी

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12 फरवरी (भाषा) उत्तर पूर्वी मानसून (अक्टूबर से दिसंबर) में सामान्य से अधिक बरसात के बाद मिट्टी की बेहतर नमी वाली स्थिति के चलते वर्ष 2019-20 में रबी फसल उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 4.52 प्रतिशत बढ़कर 13 करोड़ 42 लाख टन होने का अनुमान है।

नेशनल बल्क हैंडलिंग कॉर्पोरेशन (एनबीएचसी) के रबी फसल अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2018-19 में कुल रबी अनाज उत्पादन 12 करोड़ 84 लाख टन रहा था। इस दौरान गेहूं का रकबा 12.03 प्रतिशत बढ़कर 3.34 करोड़ लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 9.01 प्रतिशत बढ़कर 11 करोड़ 14 लाख टन होने का अनुमान है।

हालांकि, रबी धान का रकबा 23.24 प्रतिशत घटकर 26.1 लाख हेक्टेयर रहने की संभावना है जो पिछले साल 34 लाख हेक्टेयर था। दाल और गेहूं पर ध्यान केंद्रित करने से धान उत्पादन 27.96 प्रतिशत घटकर 1.03 करोड़ टन रहने की संभावना है।

इससे पिछले वर्ष रबी मौसम में धान उत्पादन 1.43 करोड़ टन रहा था। वर्ष 2019-20 में मोटे अनाज का कुल उत्पादन 4.92 प्रतिशत बढ़कर 1.25 लाख टन हो जाने का अनुमान है। ज्वार (24.3 लाख टन), मक्का (82.8 लाख टन) और जौ (18.3 लाख टन) के उत्पादन में वृद्धि की संभावना है।

कुल मिलाकर, दलहन रकबा पिछले साल के 1.56 करोड़ हेक्टेयर से 1.86 प्रतिशत बढ़कर 1.59 करोड़ हेक्टेयर होने का अनुमान है। हालांकि, दलहन उत्पादन 2.47 प्रतिशत घटकर एक करोड़ 52 लाख टन रहने की उम्मीद है। जबकि चना खेती का रकबा और उत्पादन क्रमशः 10.14 प्रतिशत (एक करोड़ 60 लाख हेक्टेयर) और 7.90 प्रतिशत (एक करोड़ 90 लाख टन) बढ़ने का अनुमान है।

हालांकि, कुल तिलहन खेती रकबा 0.87 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 79.7 लाख हेक्टेयर और उत्पादन पिछले साल के एक करोड़ 10 लाख टन से 7.39 प्रतिशत घटकर एक करोड़ 02 लाख टन रहने की उम्मीद है।

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