रवीन्द्रनाथ महतो झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए, हेमंत सोरेन ने दी बधाई

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के रवींद्रनाथ महतो सर्वसम्मति से मंगलवार को झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष चुने गये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन हाजी हुसैन अंसारी ने किया। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। हेमंत सोरेन और सीपी सिंह रवींद्रनाथ महतो को स्पीकर की सीट तक लेकर गये और सीट ग्रहण कराया। महतो नाला विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक चुने गये हैं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवीन्द्रनाथ महतो को निर्विरोध राज्य विधानसभा का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी कार्यकुशलता से राज्य विधानसभा नई बुलंदियां हासिल करेगी। सोरेन ने सदन में अपने संबोधन में कहा, ‘‘विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो न केवल कुशल राजनेता हैं बल्कि एक प्रखर वक्ता भी हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीण परिवेश की सादगी को अपनाना है।’’ नव चयनित स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने एसपी कॉलेज से स्नातक किया है। ये वर्ष 1990 में झामुमो से जुड़े थे। 1995 में झारखंड स्वायत्त परिषद के पार्षद भी रहे। महतो झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में जेल भी गए हैं।

मंगलवार को सदन ने नये स्पीकर के चयन की औपचारिकता पूरी की। श्री महतो झामुमो-कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के साझा उम्मीदवार थे। राज्य गठन के बाद इंदर सिंह नामधारी पहले स्पीकर बने थे। श्री रवींद्रनाथ झामुमो के दूसरे विधायक हैं, जिन्हें स्पीकर की जवाबदेही मिली है। रवींद्रनाथ महतो नाला विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार चुने गये हैं।

रवींद्र नाथ महतो ने स्पीकर के रूप में काम कर चुके आलमगीर आलम और सीपी सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सदन में विपरीत परिस्थितियों में लिया गया निर्णय उनके लिए नजीर के समान होगा। नव चयनित स्पीकर ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के प्रति भी आभार प्रकट किया।

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