अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल चलेंगे बड़ी चाल, बेनकाब होगी मोदी सरकार

नई दिल्ली। हर सत्र की तरह इस बार का मानसून सत्र भी हंगामे के साथ शुरू हुआ लेकिन इस बार कुछ खास था। ख़ास ये था कि विपक्ष ने मोदी सरकार के लिए अविश्वास प्रस्ताव की मांग की। लेकिन इस बात का पता तो विपक्ष को भी है कि सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है इसलिए सरकार को कोई नुकसान नहीं है तो फिर विपक्ष के इस प्रस्ताव के पीछे क्या मकसद हो सकता है। आखिर राहुल गांधी इस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए क्या साबित करना चाहते हैं?      अविश्वास प्रस्ताव

आपको बता दें कि राहुल गांधी ने एक बार कहा था कि अगर उन्हें संसद में 15 मिनट का भी मौका मिल गया तो भूकंप ले कर आएंगे तो क्या इसी 15 मिनट के लिए राहुल गांधी ने ये गेम प्लान किया था। आज पूरा देश राहुल गांधी के इस भूकंप का इंतजार कर रहा है। क्योंकि आज तक राहुल को सिर्फ संसद के बाहर ही सरकार की फजीहत करते देखा गया। इसलिए आज के ये 15 मिनट बेहद खास हैं।

हालांकि राहुल गांधी संसद में मिले अपने वक़्त में क्या बोलने वालें हैं इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। वो संसद के बाहर विभिन्न मसलों पर सरकार पर बरसते रहे हैं। हो सकता है आज भी वो इन्ही मुद्दों को उठायें। इस अविश्वास प्रस्ताव का मकसद ही लोकसभा चुनाव के पहले सरकार को कटघरे में खड़ा करना है।

आज कांग्रेस का यही मोटिव होगा कि सरकार की नाकामियों को जनता के सामने गिनवाना, उसकी एक एक गलतियों को दोहराना ताकि जनता के सामने उसे निकम्मी सरकार का टैग दिया जा सके।

राहुल इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकते हैं

जीएसटी के प्रभाव से कारोबारियों को नुकसान

नोटबंदी से जनता को हुयी परेशानी, लाभ नहीं हुआ

पेट्रोल डीजल की कीमतों की वजह से जनता में त्राहि

तेल, दाल, सब्जी के दाम बढ़ते जा रहे हैं

बैंक घोटाले, भीड़ का बेकाबू होना, कानून व्यवस्था

साथ ही विपक्ष काले धन का मुद्दा भी उठा कर सरकार को घेर सकती है।कुल मिलकर यही कहा जा सकता है कि इस अविश्वास प्रसताव के जरिये कांग्रेस 2019 का मैंदान तैयार करने की फिराक में है। लेकिन राहुल सरकार को घेरने में कितना कामयाब होते हैं वो तो वक़्त बताएगा। क्योंकि जवाब देने में पीएम मोदी भी कम माहिर नहीं हैं। अब देखना है कि इस अविश्वास प्रस्ताव का फायदा बीजेपी को मिलता है या कांग्रेस को।

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