फेक न्यूज को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर बोला हमला, कहा- बस एक साल और

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सूचना प्रसारण मंत्रालय के फेस न्यूज को किये गये  गये फैसले को वापस लेने के मामले में विपक्ष को हमला करने का एक और मौका दे दिया है। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को उठाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम मोदी को अपनी सरकार के फैसले पर ही यू टर्न लेना पड़ता है।

दरअसल, राहुल गांधी ने पीएम मोदी के फेक न्यूज के फैसले को वापस लेने के बाद सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर के माध्यम से हमला बोला है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए लिखा कि फेक न्यूज के खिलाफ आदेश को लेकर गुस्से को भांपते हुए पीएम मोदी ने अपनी सरकार के आदेश पर यू टर्न ले लिया। ये साफ दिखा रहा है कि प्रधानमंत्री का नियंत्रण कम हो रहा है। सरकार में डर का माहौल है। #BasEkAurSaal

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को पत्रकारों की मान्यता का संशोधित गाइडलाइन जारी किया था। इसमें फेक न्यूज से निपटने के लिए कई नए प्रावधानों को शामिल किया गया था। इसमें पत्रकारों की मान्यता खत्म करने जैसे कड़े प्रावधान भी शामिल था। लेकिन बाद में फेक न्यूज चलाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने के फैसले को पीएम मोदी ने वापस लेने का आदेश दिया। पीएम ने साफ किया कि ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा।

कांग्रेस ने भी किया था विरोध

बता दें इससे पहले इस फैसले पर कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल ने सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि यह कैसे पता चलेगा कि खबर फेक है या सही? पटेल ने कहा था कि पत्रकारों को खुलकर न्यूज रिपोर्टिंग करने से रोकने की मंशा से ये कदम उठाया गया है। जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पटेल के सवालों का ट्वीट के जरिए ही जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था, आपको जागा हुआ देखकर खुशी हुई अहमद पटेल जी। न्यूज आर्टिकल या ब्रॉडकास्ट की गई न्यूज फेक है या नही इसका फैसला पीसीआई और एनबीए करेंगे और आपको पता होगा कि दोनों ही गैर-सरकारी संस्थाएं है।

इससे पहले केंद्रीय मंत्रालय ने जारी की थी गाइडलाइन

बता दें इससे पहले, मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा था कि पत्रकारों की मान्यता के लिये संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक अगर फेक न्यूज के प्रकाशन या प्रसारण की पुष्टि होती है तो पहली बार ऐसा करते पाये जाने पर पत्रकार की मान्यता छह महीने के लिये निलंबित की जायेगी और दूसरी बार ऐसा करते पाये जाने पर उसकी मान्यता एक साल के लिये निलंबित की जायेगी। इसके अनुसार, तीसरी बार उल्लंघन करते पाये जाने पर पत्रकार( महिला/ पुरूष) की मान्यता स्थायी रूप से रद्द कर दी जायेगी। लेकिन अब पीएम मोदी ने इस फैसले को पलट दिया है।

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