राहुल गांधी बोले, स्वार्थी और धोखेबाज हैं सुशासन बाबू

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नई दिल्ली। नीतीश के महागठबंधन से अलग होकर सभी को चौंकाया है। उन्‍होंने बीजेपी के सहयोग से दोबारा सत्‍ता पर कब्‍जा किया है। छठी बार मुख्‍यमंत्री बनने के बाद सुशासन बाबू ने साफ संकेत दिए हैं कि वे भ्रष्‍टाचार का समर्थन नहीं करेंगे। वहीं पार्टी के नेता और विपक्षी पार्टियों ने हमला बोला है।

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सुशासन बाबू को बताया स्‍वार्थी

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में महागठबंधन को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ बहुमत मिला था, लेकिन उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए ऐसी ताकतों से हाथ मिला लिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कांग्रेस और महागठबंधन को धोखा दिया है।

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हमें पहले से पता था

राहुल ने आगे कहा कि हमें तीन-चार महीने से पता कि नीतीश कुमार एनडीए के साथ आने के लिए प्लानिंग कर रहे हैं। अपने स्वार्थ के लिए व्यक्ति कुछ कर जाता है। इसके लिए कोई नियम और विश्वसनियता नहीं है।

अली अनवर नीतीश के कदम से खुश नहीं

नीतीश कुमार के बीजेपी से हाथ मिलाने के खिलाफ जेडीयू में पहली बगावत के सुर सामने आने लगे हैं। पार्टी के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा है कि उनका जमीर बीजेपी के साथ जाने की इजाजत नहीं देता।

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अली अनवर ने किया विरोध

उन्होंने कहा कि जेडीयू ने जिन कारणों से जेडीयू से अलग होने का फैसला किया था वह कारण अभी भी बने हुए हैं। मेरा जमीर बीजेपी के साथ जाने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ने उन्हें उनकी बात रखने का मौका दिया तो वह जरुर अपनी बात पार्टी के सामने रखेंगे।

2015 में सीएम बने थे नीतीश

बिहार में विधानसभा की 243 सीट हैं और सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की जरुरत पड़ती है। लेकिन बिहार में चुनाव से पहले कांग्रेस जेडीयू और आरजेडी ने मिलकर महागठबंधन कर लिया था। चुनाव में आरजेडी को सबसे ज्यादा 80 सीटों, जेडीयू को 71 और कांग्रेस को 27 सीटों पर जीत मिली थी और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे।

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