राहुल के खिलाफ पॉक्सो के तहत नोटिस, दलित बच्चों की पिटाई का वीडियो किया था पोस्ट

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के जलगांव में पिछले सप्ताह ऊंची जाति के लोगों के कुएं पर नहाने की सजा के तहत तीन दलित लड़कों को नग्न कर उन्हें गांव में घुमाए जाने का वीडियो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपलोड किए जाने पर महाराष्ट्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एमएससीपीसीआर) ने मंगलवार को उन्हें समन भेजा। आयोग ने नोटिस भेजने का फैसला अमोल जाधव नाम के व्यक्ति की शिकायत पर किया है। महाराष्ट्र के राज्य बाल आयोग ने राहुल गांधी को 10 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है।

राज्य बाल आयोग का नोटिस किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 और POCSO act की धारा 23 के तहत भेजा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अमोल जाधव से शिकायत मिलने के बाद आयोग के अध्यक्ष प्रवीन घुगे ने मामले को तत्काल संज्ञान में लिया। जाधव ने मंगलवार को इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखा। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि उन्हें अब तक समन नहीं मिला है, लेकिन कुछ भी बोलने से पहले वे इसकी जांच करेंगे।

सावंत ने कहा, “वर्तमान सरकार द्वारा मुद्दे से भटकाने का यह एक प्रयास है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि जिस वीडियो की बात हो रही है वह तो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल है और इसे अपलोड करना अपने आप में एक अपराध है।” आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी द्वारा 15 जून को उनके ट्विटर पर वह वीडियो अपलोड करने के कारण उन पर बाल अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है।

बता दें कि जलगांव में दो दलित लड़कों को एक अन्य जाति के कुंए पर नहाने पर पीटा गया था और निर्वस्त्र कर घुमाया गया था। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था। पिटाई के वक्त नाबालिग शरीर को ढंकने के लिए पत्तों का सहारा लेते नजर आए थे। इस घटना के सामने आने के बाद राहुल गांधी ने 15 जून को इन बच्चों का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला था।

Related Articles