शिवसेना विधायक के घर पर छापेमारी, महाराष्ट्र में सियासत गरमाई

मुंबई: शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक के घर-दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे के बाद सियासत गर्म हो गई है। महाराष्ट्र सरकार में शामिल नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा केन्द्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की है।

संजय राउत ने बोला हमला

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने विरोधियों के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में छापे का इस्तेमाल करने के लिए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हम सभी जानते हैं कि ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। वे केंद्र के हाथों की कठपुतली हैं। लेकिन हम किसी के सामने नहीं झुकेंगे।”

संजय राउत ने कहा कि एमवीए सरकार स्थिर है और चार साल के अपने शेष कार्यकाल को पूरा करेगी और हम अगले 25 वर्षों तक शासन करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा ​​कि शिवसेना के पास भाजपा नेताओं के सभी फर्जी सौदों, मनी-लॉन्ड्रिंग, बेनामी संपत्तियों और अन्य घोटालों से संबंधित फाइलें हैं।

‘एजेंसियों का उपयोग कर परेशान कर रही’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग उन लोगों को परेशान करने के लिए करती है जो उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। छगन भुजबल ने कहा कि भाजपा ने “राकांपा अध्यक्ष शरद पवार को पिछले साल एक नोटिस के साथ निशाना बनाया, और फिर राजस्थान, महाराष्ट्र या अन्य राज्यों में कई अन्य विपक्षी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाया। यह प्रतिशोध की राजनीति है। लेकिन वे अपने इरादों में कभी सफल नहीं होंगे।”

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने साधा निशाना

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “दबाव बनाने और राजनीतिक लाभ के लिए सभी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।” थोराट ने कहा कि भाजपा लगातार राजनीतिक विपक्षियों को निशाना बना रही है। आपने कभी सुना क्या कि जो लोग भाजपा के साथ हैं उनके यहां कोई छापा पड़ा हो।

छापे का बचाव करते हुए, भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद नारायण राणे ने कहा कि “सरनाईक संत नहीं है” और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने कहा कि शायद यह याद हो कि सरनाईक पिछले कुछ हफ्तों में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और रिपब्लिक टीवी के मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी की आलोचना कर रहे थे।

सरनाईक ने कंगना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी जब उसने मुंबई को पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर कहा और अन्वय नाइक और उसकी मां के आत्महत्या मामले को सरनाईक ने दोबारा खुलवाया, जिसमें गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर छोड़ा गया।

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