रेलवे ने तैयार किया देश का पहला ‘स्मार्ट कोच’, अब नही होंगे ट्रेन एक्सीडेंट

0

नई दिल्ली: यात्रियों के सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने ‘स्मार्ट कोच’ तैयार किया है। 12 से 14 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च कर इस कोच को रायबरेली की मॉर्डन कोच फैक्ट्री में बनाया गया है। रेलवे ऐसे करीब 100 और मॉडर्न कोच बनाने की तैयारी में है। इसे स्मार्ट कोच इसलिए कहा गया है क्योंकि इसमें खास सेंसर लगाए गये हैं, जोकि पटरी की खामियों का पता लगा सकेंगे।

पहियो में लगे हैं खास वाइब्रेशन सेंसर

रेलवे के इस नए स्मार्ट कोच के पहियों में वाइब्रेशन सेंसर लगे हैं, जो पटरी या ट्रैक कमजोर होने की जानकारी का भी पता लगा सकेंगे। किसी कमी का पता लगने के बाद इसका अलर्ट तुरंत रेलव कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा। स्मार्ट कोच डायगनॉस्टिक सिस्टम पर काम करेंगे। मॉर्डन कोच फैक्ट्री प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजिनियर अरुण अरोड़ा ने बताया कि यह कोच ब्रेक घिसने, पहियों की स्थिति, ट्रैक का हेल्थ कार्ड भी बताएगा। जिससे खराबी का पहले ही पता चल सकेगा।

कोच बताएगा अगला स्टेशन और लोकेशन

कोच में जीएसएम नेटवर्क के साथ पैसेंजर इंफॉर्मेशन एंड कोच कंप्यूटिंग यूनिट (PICCU) लगाया गया जो मुख्य रूप से कोच रखरखाव और यात्री इंटरफेस के महत्वपूर्ण क्षेत्र की निगरानी करेगा। सफर के दौरान पैसेंजरों को यह जानकारी रहेगी कि अगला स्टेशन कितनी देर में आ रहा है और वर्तमान में ट्रेन किस जगह चल रही है।

सुरक्षा यात्रा के लिए कोच में लगाया गया इमजेंसी टॉक बैक सिस्टम

इस कोच में एसी, डिस्क ब्रेक सिस्टम, फायर डिटेक्शन, अलार्म सिस्टम, वॉटर लेवल इंडिकेटर जैसी सुविधाएं हैं। कोच में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसके अलावा इमरजेंसी टॉक बैक सिस्टम भी है। कोच के पैसेंजर टॉइलट के पास लगे इस सिस्टम के बटन को दबाकर सीधा गार्ड से बात कर सकेंगे और मदद ले सकेंगे। वहीं सफर के दौरान पैसेंजर अपने स्मार्टफोन और टैब पर एनफोटेनमेंट सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

loading...
शेयर करें